पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव करेगी योगी सरकार, अब IG की जगह होंगे ADG रैंक के अफसर
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आने वाले दिनों में जोन में आईजी के स्थान पर एडीजी रैंक और डीआईजी के स्थान पर आईजी रैंक के अफसर का नाम दिखे तो चौंकिएगा नहीं। सरकार जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर इस व्यवस्था को मूर्त रूप देने जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में डीआईजी रैंक के अधिकारियों की कमी के कारण ऐसा करना पड़ रहा है।
दरअसल, प्रदेश में डीआईजी रैंक के अफसरों की संख्या काफी कम है। आने वाले एक-डेढ़ साल में प्रदेश के पास इतने भी डीआईजी नहीं रह जाएंगे कि हर रेंज में एक को तैनात किया जा सके।
ऐसे में सरकार ने बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की है। आने वाले दिनों में प्रदेश में डीआईजी अफसरों की कमी और बढ़ेगी। फिलहाल यूपी के पास डीआईजी रैंक के 28 अफसर हैं जबकि जरूरत 40 की है।
ये डीआईजी जल्द होंगे रिटायर
अगस्त तक सात डीआईजी रिटायर हो जाएंगे। जून में बस्ती के डीआईजी लक्ष्मी नारायण, जुलाई में डीआईजी रेलवे दलवीर सिंह, डीआईजी जेल वीरेंद्र कुमार शेखर, डीआईजी सुरक्षा शिवसागर सिंह, अगस्त में डीआईजी मिर्जापुर रतन कुमार श्रीवास्तव, डीआईजी आगरा महेश कुमार मिश्रा और डीआईजी आजमगढ़ उदय शंकर जायसवाल रिटायर हो जाएंगे। जबकि 2004 बैच के एसएसपी का प्रमोशन 2018 में होगा।
प्रदेश में 2004 बैच के सिर्फ चार आईपीएस ही हैं। यानी प्रमोशन के बाद भी सिर्फ चार डीआईजी ही उत्तर प्रदेश को मिलेंगे। साथ ही पांच डीआईजी भी प्रमोशन पाकर आईजी हो जाएंगे।
यानी जनवरी 2018 में प्रदेश में 18 रेंज में तैनात करने के लिए 19 आईजी ही उपलब्ध होंगे। अन्य 22 पदों के लिए सिर्फ एक डीआईजी होगा। इस स्थिति से बचने के लिए सरकार ने यह रास्ता चुना है।
जोनल मुख्यालय पर डीआईजी के स्थान पर आईजी
सूत्रों की मानें तो जोनल मुख्यालयों पर डीआईजी के स्थान पर आईजी की तैनाती की जाएगी। यानी लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली, मेरठ और आगरा में डीआईजी के स्थान पर आईजी अफसर तैनात होंगे। बाकी आठ रेंज में डीआईजी की तैनाती बरकरार रहेगी।
कई एडीजी भी होंगे एडजस्ट
प्रदेश में पुलिस की कई शाखाओं में डीजी के साथ एडीजी भी तैनात हैं। इनका काम लगभग एक ही होता है। नई व्यवस्था में कई एडीजी को बड़ी जिम्मेदारी दे दी जाएगी। जिन अफसरों को जोन की जिम्मेदारी दी जा सकती है उसमें एडीजी कार्मिक पीसी मीणा, अजय आनंद जो आईजी पद से प्रमोट होने के बाद भी अभी मेरठ के आईजी बने हुए हैं, आशुतोष पांडेय समेत कई अफसरों का नाम चर्चा में है।
कहा यह भी जा रहा है कि सरकार के इस फैसले की वजह से ही आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों के तबादले अब तक नहीं किए गए हैं।
माया सरकार ने किया था यह प्रयोग
इससे पहले मायावती सरकार ने इसी से मिलता-जुलता फैसला करते हुए बड़े जिलों में एसएसपी के पद पर डीआईजी तैनात किया था। वहीं, डीआईजी के स्थान पर आईजी की तैनाती होती थी। लेकिन अखिलेश सरकार ने यह फैसला पलट दिया था।