प्लान तैयार, मुफ्तखोरी नहीं कर सकेंगे शिक्षक
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अब परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण में पढ़ने वाले बच्चों के ज्ञान की परख की जाएगी। निरीक्षण करने वाले अधिकारी शिक्षकों की उपस्थिति के साथ ही यह भी देखेंगे कि बच्चों के ज्ञान का स्तर क्या है। उन्हें कैसी शिक्षा दी जा रही है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि स्कूल में शिक्षक बच्चों को कैसी शिक्षा दे रहे हैं।
बेसिक शिक्षा निदेशक डीबी शर्मा ने इस संबंध में मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिया है। परिषदीय स्कूलों के साथ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का निरीक्षण भी इसी तर्ज पर किया जाएगा। इसके आधार पर स्कूलों की ग्रेडिंग तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव परिषदीय स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर काफी चिंतित हैं। उन्होंने बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी से कहा है कि परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारा जाए। इसके बाद से ही इन स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए शासन स्तर से कवायद शुरू हुई।
इसमें बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक जिले में दो-दो ऐसे स्कूलों को चिह्नित किया जाए जिसमें बच्चों को नए सत्र से अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा दी जा सके।
कक्षा 3 से 8 तक के लिए होंगे अलग-अलग बिंदु
बेसिक शिक्षा निदेशक ने इसी चरण में अधिकारियों को निरीक्षण संबंधी निर्देश दिया है। शिक्षा अधिकारी स्कूल निरीक्षण में शिक्षक-छात्र उपस्थिति के साथ ही हर माह शैक्षिक स्तर की जांच भी करेंगे।
इसमें कक्षा 3 से 8 तक के बच्चों के लिए अलग-अलग शैक्षिक बिंदु पर बातचीत की जाएगी। जांच अधिकारी को इसके लिए निर्धारित प्रोफार्मा भी भरना होगा।