फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP govt to built model city before 2017 election.

जानिए, यूपी में कब पूरा होगा मॉडल सिटी का सपना

Thu, 15 Oct 2015 09:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 15 Oct 2015 09:08 AM IST
विज्ञापन
UP govt to built model city before 2017 election.

यूपी में मॉडल सिटी 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही आकार लेने लगेगा। इसीलिए मॉडल सिटी में कौन से विभाग के पास क्या जिम्मेदारी होगी, पहले से तय कर दिया जाएगा। सबसे अहम जिम्मेदारी विकास प्राधिकरणों को देने की तैयारी है।

विज्ञापन


सही मायने में देखा जाए तो विकास प्राधिकरण ही सभी प्रमुख काम कराएंगे। अन्य विभागों की जिम्मेदारियां पूर्व से निर्धारित होंगी, जिससे तय अवधि में काम करने से कोई भी विभाग बच न सके।
विज्ञापन


यूपी विधानसभा का चुनाव फरवरी 2017 में प्रस्तावित माना जा रहा है। इस हिसाब से नवंबर या दिसंबर 2016 में विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने का अनुमान है। राज्य सरकार चाहती है कि विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले मॉडल सिटी के अधिकतर काम पूरे हो जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिससे विधानसभा चुनाव में जनता के बीच यह बताया जा सके कि केंद्र की स्मार्ट सिटी परियोजना से पहले राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों को मॉडल सिटी बना दिया है। मॉडल सिटी बनाने से पहले विभागों की जिम्मेदारियां तय करने के साथ लक्ष्य दे दिया जाएगा।

डीपीआर बनाने की तय होगी भूमिका
मॉडल सिटी में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने की भूमिका पहले से तय होगी। इसके लिए चयनित होने वाले शहरों की मैपिंग व डीपीआर का काम नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के मंडलीय कार्यालय मुख्य नगर नियोजक के निर्देश में काम करेंगे।

मुख्यमंत्री कर सकेंगे बदलाव

UP govt to built model city before 2017 election.

डीपीआर में बदलाव का अधिकार मुख्यमंत्री के पास होगा। मैपिंग व डीपीआर तैयार करने पर आने वाली लागत का भुगतान संबंधित विभागों को करना होगा। मॉडल सिटी के सभी कामों के लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा।

कौन काम किसके जिम्मे
पार्क, स्ट्रीट लाइटिंग व एलईडी लगाने, फुटपाथ व साइकिल ट्रैक्स बनाने की जिम्मेदारी संबंधित शहरों के विकास प्राधिकरणों को मिलेगी। बस स्टॉप व स्टैंड, बस सेवा कनेक्टिविटी परिवहन विभाग, अंडरग्राउंड केबल का काम पावर कॉर्पोरेशन, हेरिटेज का काम आवास विभाग को देने की तैयारी है।

स्कूलों की स्थिति में सुधार की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग व अस्पतालों को चाक चौबंद करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी। इसी तरह अन्य काम भी संबंधित विभागों को दिए जाएंगे।

मलिन बस्तियां होंगी जगमग
मॉडल सिटी योजना में मालिन बस्तियों पर ध्यान दिया जाएगा। यहां रहने वालों को आसरा आवास योजना या लो कॉस्ट हाउसिंग योजना में मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही अवैध रूप से बसने वाली मलिन बस्तियों पर भी रोक के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएंगे। शहरों में सड़क किनारे या पार्कों में झोपड़ी डालकर रहने वालों को भी विस्थापित किया जाएगा, जिससे मॉडल सिटी में यह धब्बे के जैसे न दिखाई पड़ें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed