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आदेश जारी, दर्जाधारियों की बर्खास्तगी पर लगी मुहर

Mon, 27 Oct 2014 12:24 AM IST
सुधीर कुशवाहा/अमर उजाला, लखनऊ
सुधीर कुशवाहा/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 27 Oct 2014 12:24 AM IST
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UP govt. issued ordered for suspended ministers.

दर्जाधारियों की बर्खास्तगी का औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने रविवार को इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सभी विभागों के प्रमुख सचिवों को इस सिलसिले में निर्देश दे दिए गए हैं।

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अब प्रमुख सचिव अपने स्तर से विभागों को संबंधित संस्थाओं के दर्जाधारियों को हटाने का औपचारिक आदेश जारी करेंगे। हालांकि, कुछ अध्यक्षों ने दावा किया है कि उन्हें पद छोड़ने का अभी कोई आदेश नहीं मिला है।
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संगीत नाटक अकदमी (एसएनए), भारतेन्दु नाट्य अकादमी ( बीएनए), ललित कला अकादमी, अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृत संस्थान सहित कुछ अन्य संस्थाओं के अध्यक्ष बर्खास्तगी को लेकर दुविधा में हैं। उनका कहना है कि उन्हें अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है।
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जो भी हो, प्रदेश सरकार का यह फैसला कुछ संस्थाओं पर भारी पड़ सकता है। उनकी तरफ से तय कार्यक्रमों को स्थगित करना पड़ सकता है। मुख्य सचिव की पुष्टि के बाद उम्मीद है कि प्रमुख सचिवों के स्तर से सोमवार को इस सिलसिले में औपचारिक आदेश जारी होने शुरू हो जाएं।

कोर्ट को भी जवाब देगी सरकार

UP govt. issued ordered for suspended ministers.

गौरतलब है, प्रदेश सरकार ने शनिवार को दर्जाधारियों को बर्खास्त करने का ऐलान किया था लेकिन इसकी कोई सूची जारी नहीं की थी। सरकार ने 16 संस्थाओं की सूची जारी कर सिर्फ यह बताया था कि इनके अध्यक्षों को नहीं हटाया गया है। इस वजह से अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि कौन-कौन से लोग हटाए गए हैं। संवैधानिक संस्थाओं के नाम पर कौन-कौन दर्जाधारी बचे हैं।

इस बारे में सोमवार को कार्यालय खुलने पर तस्वीर कुछ साफ होने की उम्मीद है। इस बीच यह अटकलें भी शुरू हो गई हैं कि सरकार का यह फैसला संभवत: इस मामले की न्यायालय में 21 नवंबर को होने वाली सुनवाई के मद्देनजर है ताकि सरकार कह सके कि उसने कोर्ट के निर्देशानुसार कार्रवाई कर दी है।

प्रभावित हो सकता है काम
दर्जाधारियों को हटाने के फैसले से कुछ संस्थाओं का कामकाज प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए संगीत नाटक अकादमी के स्थापना दिवस समारोह में अकादमी अवॉर्डों का वितरण भी होना है। ये अवॉर्ड 2003 से 2008 तक छह वर्षों के हैं।

असमंजस के कारण इस समारोह की तैयारियां प्रभावित हो सकती हैं। इसी तरह संस्कृत संस्थान की तरफ से इलाहाबाद में प्रस्तावित व्यास महोत्सव व सम्मान समारोह को भी टालना पड़ सकता है।

बर्खास्तगी के बाद इनके तर्क

UP govt. issued ordered for suspended ministers.
सरकार के इस आदेश पर ललित कला अकादमी के लालजीत अहीर का कहना है ‘शासन की ओर से इस बाबत अभी कोई सूचना नहीं दी गई है। अखबार में बर्खास्तगी की खबर जरूर पढ़ी है। संशय की स्थिति है।’

वहीं संस्कृत संस्‍थान के शंकर सुहैल का कहना है ‘मुख्यमंत्री के सहयोग से ही मैं संस्कृत संस्थान की गाड़ी को पटरी पर ला पाया हूं। ऐसे में मुझे हटाने का सवाल नहीं है। वैसे भी अभी मुझे कोई  लिखित सूचना नहीं मिली है। जैसा मुख्यमंत्री का निर्देश मिलेगा, वैसा करूंगा।’

मामले पर बीएनए के राजकिशोर का कहना है ‘हटाए जाने की मुझे कोई सूचना नहीं है। फिर भी मुख्यमंत्री जो निर्णय करेंगे वह बेहतर ही होगा।’


ताकि ठीक से निभा सकें जिम्मेदारी
इस बारे में सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पार्टी के संगठनात्मक एवं प्रशासन के स्तर पर जनहित में दर्जाधारियों की भूमिका के प्रति गंभीर हैं। इसीलिए वह समीक्षा एवं फेरबदल करने में जुटे हुए हैं ताकि लोकतंत्र में अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को सुचारू रूप से निभाया जा सके।
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