यूपी के 48 मदरसों को सरकार ने दिया और वक्त
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प्रदेश सरकार ने अनुदान सूची में लेने के लिए पुराने मदरसों को ही मानक पूरा करने के लिए मौका दे दिया है। यदि वे मानक पूरे करेंगे तो सरकार अनुदान देगी। सरकार को अभी 48 मदरसों को अनुदान देना है। 2003 तक मान्यता प्राप्त मदरसों के ही आवेदन पर सरकार विचार करेगी।
दरअसल, जब सपा की सरकार बनी थी तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 147 मदरसों को अनुदान देने की घोषणा की थी। साढ़े तीन साल में सरकार अभी तक 99 मदरसों को ही अनुदान दे पाई है।
सरकार ने मदरसों से आवेदन मांगे थे। इसमें 194 मदरसों के जो आवेदन आए थे उनमें अधिकतर के मानक पूरे नहीं थे। पहले सरकार ने मानक शिथिल किए। इसके बावजूद 93 मदरसे मानकों में फिट बैठे। जबकि छह मदरसों ने हाईकोर्ट का सहारा लेकर अनुदान ले लिया है। मानक घटाने के बावजूद सैकड़ों मदरसे उन मानकों को भी पूरा नहीं कर पाए।
पहले आवेदन करने वालों को वरीयता
अब सरकार ने इन्हीं पुराने मदरसों को ही मानक पूरा करने के लिए समय दिया है। अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय ने उन मदरसा संचालकों से मानक पूरे करने को कहा है जिन्होंने पहले आवेदन किया था। साथ ही 2003 तक मान्यता पाने वाले वे मदरसा जो पहले आवेदन करने से चूक गए थे वे अब आवेदन कर सकते हैं।
जमीन के मालिकाना हक के मानक में ज्यादातर फेल
ज्यादातर मदरसे जमीन के मालिकाना हक के मानक को पूरा नहीं कर पाए। एक शर्त यह भी है कि मदरसा जिस जमीन पर संचालित हैं वह जमीन मदरसे के नाम पर होनी चाहिए। लेकिन ज्यादातर मदरसे जिस जमीन पर हैं उसमें मालिकाना हक को लेकर विवाद है।
एक खसरा नंबर पर कई नाम दर्ज हैं। यदि मदरसा संचालक अपने नाम पर जमीन के कागज दिखा देंगे तो उन्हें अनुदान मिल सकता है।
इस पर अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ निदेशक फैजुरर्हमान का कहना है कि पुराने मदरसा संचालकों को मानक पूरा करने के लिए समय दे दिया गया है। 2003 तक के मान्यता प्राप्त मदरसे आवेदन भी कर सकते हैं। जो मदरसे मानक पूरा करेंगे उन्हें अनुदान मिलेगा।