रोज 5 करोड़ की बिजली खरीद रहे अखिलेश
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रमजान में मुस्लिम बहुल इलाकों को रोशन रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार रोजाना चार-पांच करोड़ रुपये की बिजली खरीद रही है।
एनर्जी एक्सचेंज में बिजली की कीमत पांच रुपये यूनिट से ऊपर पहुंच गई है। ऐसे में बहुत ज्यादा बिजली खरीदना संभव नहीं हो पा रहा है। बुधवार को एक्सचेंज से 5.10 रुपये प्रति यूनिट तक की बिजली खरीदी गई।
पावर कार्पोरेशन के अभियंताओं का कहना है कि मानसून में देरी के चलते बिजली मांग ज्यादा है जबकि प्रदेश के बिजलीघरों की कई इकाइयों के बंद होने की वजह से उपलब्धता कम हो गई है।
इन सबके बावजूद अतिरिक्त बिजली का इंतजाम करके आपूर्ति पटरी पर रखने की कोशिश की जा रही है।
पावर कॉर्पोरेशन ने बदला शिड्यूल
रमजान के कारण पहले लागू किए गए आपूर्ति शिड्यूल को लेकर शिकायतें मिलने के बाद पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने आनन-फानन में नया शिड्यूल तैयार करके लागू कर दिया। यह शिड्यूल 31 जुलाई तक प्रभावी रहेगा।
पूर्व में लागू शिड्यूल के तहत मुस्लिम बहुल क्षेत्रों को शाम छह से रात 11 बजे तथा भोर में दो बजे से पांच बजे के बीच कटौतीमुक्त आपूर्ति की जा रही थी।
यह शिड्यूल रोजेदारों के लिए मुफीद न होने की वजह से कई इलाकों से इसे बदलने की मांग आ रही थी।
अधिकारियों का कहना है कि नए शिड्यूल में यह ध्यान रखा गया है कि सभी मुस्लिम बहुल छोटे-बड़े शहरों व नगरों को रात में कम से कम सात-आठ घंटे बिजली जरूर मिल जाए।
गांवों को नहीं मिल पा रही पूरी बिजली
रमजान के कारण रात में शहरी इलाकों और मुस्लिम बहुल छोटे नगरों की आपूर्ति का दबाव होने की वजह से गांवों को लगातार 10 घंटे बिजली आपूर्ति करने में मुश्किल खड़ी हो रही है।
अभियंताओं का कहना है कि रात में गांवों को लगातार आपूर्ति संभव नहीं हो पाने के कारण दिन में आपूर्ति करके इसकी भरपाई की जा रही है।