युवाओं को बड़ा तोहफा: यूपी की पहली युवा नीति पर कैबिनेट ने लगाई मुहर
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बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में युवाओं को साधने के लिए बनाई गई पहली ‘राज्य युवा नीति-2016’ पर मुहर लगा दी गई। इस नीति में युवकों के आर्थिक विकास और उनके भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर कई प्रावधान किए गए हैं।
‘राज्य युवा नीति-2016’ में 14 से 35 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों को युवा की श्रेणी में रखा गया है, जबकि राष्ट्रीय युवा नीति-2014 में 15 से 29 वर्ष के आयु वर्ग को शामिल किया गया है। इस वजह से प्रदेश की करीब 39 प्रतिशत आबादी युवा की श्रेणी में आ गई है।
इसलिए युवा नीति के तहत जो भी योजनाएं शुरू की जाएंगी, उनका लाभ राज्य की आबादी के एक बड़े हिस्से को मिल सकेगा। 26 विभागों से मिले सुझावों के आधार पर युवा कल्याण विभाग ने यह नीति तैयार की है।
अभी तक युवाओं के विकास के लिए नहीं थी कोई नीति
दरअसल प्रदेश में अब तक युवाओं के विकास के लिए कोई नीति नहीं थी। इसलिए अखिलेश सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम साल में राज्य की पहली युवा नीति लाकर युवाओं को साधने की कोशिश में जुट गई है।
इस नीति में गांव से शहरों की ओर युवकों का पलायन रोकने, कौशल विकास करके रोजगार के लिए तकनीकी तौर पर दक्ष बनाने, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने, आपदा प्रबंधन में भागीदारी बढ़ाने, राष्ट्रीय मूल्यों व सामाजिक सौहार्द की भावना पैदा करने समेत कई बिंदुओं पर फोकस किया गया है।
नीति में युवाओं को एक कुशल कार्यबल के रूप में तैयार करने के साथ ही अर्थव्यवस्था के विकास में उनकी भागीदारी तय की जाएगी।
रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा युवकों में सामाजिक व नैतिक मूल्य विकसित करने और युवाओं के नियोजन को बढ़ावा देने के लिए भी कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
राज्य युवा नीति के 5 उद्देश्य
राज्य की अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देने के लिए युवाओं का कार्यबल के रूप में गठन करना।
भावी चुनौतियों का सामना करने के लिए एक सशक्त और स्वस्थ पीढ़ी तैयार करना।
सामाजिक मूल्यों के प्रति युवाओं को जागरूक करना और सामुदायिक सेवा के प्रति प्रोत्साहित करना।
शासन के स्तर पर युवाओं की भागीदारी बढ़ाना।
सरकारी योजनाओं से वंचित युवकों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना।
इन 11 क्षेत्रों में मिलेगी युवाओं को प्राथमिकता
शिक्षा, रोजगार एवं कौशल विकास, उद्यमशीलता, स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवन शैली, खेल, सामुदायिक नियोजन, सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा, राजनीति व शासन में भागीदारी, समावेशन, विकास योजनाओं में बढ़ावा और सामाजिक न्याय।
युवा नीति के क्रियान्वयन के लिए बनेगी समन्वय समिति
राज्य युवा नीति को कार्यान्वित करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समन्वय समिति का गठन होगा। इसमें प्रमुख सचिव वित्त एवं प्रमुख सचिव नियोजन समेत अन्य संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव बतौर सदस्य शामिल किए जाएंगे।
महानिदेशक युवा कल्याण समिति के सदस्य सचिव होंगे। युवाओं पर केंद्रित भावी योजनाओं की परिकल्पना तैयार करने के लिए नियोजन विभाग में युवा प्रकोष्ठ का भी गठन किया जाएगा। सभी सरकारी विभागों में युवाओं के विकास के लिए अलग से बजट का प्रावधान होगा।