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नाईक बोले, न उड़ाएं मराठियों का मजाक

Thu, 20 Nov 2014 06:00 PM IST
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला, लखनऊ
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 20 Nov 2014 06:00 PM IST
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UP governor says we should not make fun who speaks in Hindi.

‘राजभाषा हिंदी का सबसे ज्यादा प्रचार-प्रसार गैर हिंदी भाषियों ने ही किया है। महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, सी. राजगोपालाचारी आदि ने हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऐसे में जब भी कोई मराठी या दूसरी क्षेत्रीय भाषा बोलने वाला हिंदी बोले तो उसका मजाक उड़ाने की जगह उसे प्रोत्साहित करें।

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राज्यपाल राम नाईक ने बुधवार को यहां जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया सभागार में आयोजित क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन और पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि यह बात कही। राज्यपाल ने कहा कि मैं मराठी भाषी क्षेत्र से हूं। ऐसे में मेरी हिंदी में मराठी लहजा है। अगर हम हिंदी का इस्तेमाल बढ़ाना चाहते हैं तो हमें गैर हिंदी भाषियों के हिंदी बोलने पर उन्हें प्रोत्साहित करना होगा।
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उन्होंने कहा कि मैं खुद उस राज्य का राज्यपाल हूं जहां सबसे ज्यादा हिंदी बोलने वाले लोग हैं। जहां की आबादी दुनिया के सिर्फ पांच देशों से ही कम है।

राज्यपाल ने कहा कि हिंदी दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं की बड़ी बहन है। छोटी बहनों का जब विकास होगा तभी हिंदी का विकास होगा। उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इनकी वजह से गैर हिंदी भाषी शहरों में भी लोग इस भाषा के साथ सहज होते हैं। उन्होंने हिंदी को सरल बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकारी कामकाज में भी गैर हिंदी भाषी लोगों का ध्यान रखा जाए।
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कार्यक्रम में राज्यपाल ने राजभाषा विभाग की सचिव नीता चौधरी, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त गिरीश नरायन पांडेय, एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक कर्नम शेखर और निदेशक कार्यान्वयन हरिंदर कुमार के साथ पत्रिका ‘राजभाषा भारती’ के हिंदी दिवस विशेषांक का विमोचन भी किया।

यूएनओ में हिंदी में बोलने वाले मोदी पहले पीएम नहीं

UP governor says we should not make fun who speaks in Hindi.

संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिंदी में बोलने पर राज्यपाल ने कहा कि वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री नहीं हैं। उनसे पहले अटल बिहारी वाजपेयी बतौर प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र को हिंदी में संबोधित कर चुके हैं।


आपने भी हिंदी में काम करना शुरू कर दिया!
नाईक ने कहा कि आज पेट्रोलियम कंपनियों को राजभाषा पुरस्कार मिला। पुरस्कार देते समय मैंने इनके अधिकारियों से पूछा - क्या आपने भी हिंदी में काम करना शुरू कर दिया!

क्लिष्ट हिंदी से मिलेगी निजात
राजभाषा विभाग की सचिव नीता चौधरी ने राज्यपाल को बताया कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने सरकारी कामकाज में इस्तेमाल होने वाले 1700 क्लिष्ट शब्दों की सूची उनके अर्थ के साथ तैयार की है। वहीं बीएसएनएल ने भी इस दिशा में काम किया है। इन दोनों संस्थानों को अपनी वेबसाइट पर इस काम को अपलोड करने को कहा है।

इसके बाद राजभाषा विभाग की वेबसाइट पर भी लिंक उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके अलावा जिलों में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों का गठन करने के साथ ही हिंदी के प्रोत्साहन के लिए राजभाषा विभाग की ओर से दिए जाने वाले पुरस्कारों की राशि बढ़ाने पर भी जल्द निर्णय किया जाएगा।

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