फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Government will revive 75 small rivers of the state; ITI institutes will be taken for help

यूपी: प्रदेश की 75 छोटी नदियों को फिर से पुनर्जीवित करेगी सरकार; आईटीआई संस्थानों की ली जाएगी मदद

Sun, 13 Jul 2025 10:49 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 13 Jul 2025 10:49 PM IST
सार

Small rivers of Uttar Pradesh: यूपी की 75 छोटी और बड़ी नदियों की सहायक नदियों को प्रदेश सरकार जिंदा करने जा रही है। इसके लिए तकनीकी संस्थानों की मदद भी ली जाएगी। 

विज्ञापन
UP: Government will revive 75 small rivers of the state; ITI institutes will be taken for help
छोटी नदियों को जिंदा करेगी सरकार। डेमो पिक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश की 75 छोटी और सहायक नदियों को योगी सरकार नया जीवन दे रही है। इस काम को पूरा करने के लिए प्रमुख तकनीकी संस्थानों और 10 अहम विभागों की सहभागिता से एक रणनीति बनाई गई है। निगरानी के लिए मंडल स्तर पर समिति भी बनाई गई है।

विज्ञापन


सरकार नदियों के पुनरुद्धार के लिए आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू, बीबीएयू लखनऊ और आईआईटी रुड़की जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से तकनीकी मार्गदर्शन भी ले रही है। ये संस्थान हर नदी की भौगोलिक, पारिस्थितिक और सामाजिक स्थितियों का अध्ययन कर पुनर्जीवन योजना बना रहे हैं। मास्टरप्लान के अनुसार नदी पुनर्जीवन अभियान को धरातल पर उतारने के लिए सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई, पंचायती राज, वन, बागवानी, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य, शहरी विकास, उप्र. राज्य जल संसाधन एजेंसी ग्रामीण विकास और राजस्व विभाग सहयोग दे रहे हैं।

विज्ञापन

पर्यटन के लिहाज से 11 विरासत भवनों और किलों का होगा विकास

 प्रदेश सरकार ने जर्जर हो रही राज्य के ऐतिहासिक धरोहरों को नया जीवन देने के लिए प्रयास तेज कर दिया है। पर्यटन विभाग प्रदेश के 11 पुराने किलों और भवनों को चमकाने की तैयारी में है। विभाग ने एजेंसियों के माध्यम से इसके लिए अनुरोध प्रस्ताव (आरएफपी) आमंत्रित किया है। ये काम पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत होगा।

एजेंसियां इन जगहों का उनके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना विकास करेंगी। निर्धारित समय तक वह इसका संचालन करेंगी। इससे न सिर्फ इन विरासत किलों और भवनों का इतिहास बचेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन बढ़ेगा। लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा। योजना के तहत जिन 11 विरासत स्थलों का विकास किया जाएगा उसमें ललितपुर का तालभेहट किला, बांदा का रनगढ़ और भुरागढ़ किला, गोंडा की वजीरगंज बारादरी, लखनऊ का आलमबाग भवन, गुलिस्तान-ए-एरम और दर्शन विलास शामिल हैं। इसके साथ ही कानपुर की टिकैत राय बारादरी, महोबा का मस्तानी महल और सेनापति महल, झांसी का तहरौली किला और मथुरा का सीताराम महल (कोटवान किला) शामिल हैं। यह सभी जगहें अपनी खास वास्तुकला और इतिहास की कहानियों के लिए मशहूर हैं। इनका पुनरोद्धार करके इन्हें होटल, सांस्कृतिक केंद्र या संग्रहालयों के रूप में विकसित किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed