यूपी: जेपीएनआईसी को 30 साल की लीज पर देगी सरकार, अखिलेश का तंज, बोले- अब सरकार को ठेके पर देना बचा है
जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय सेंटर के संचालन व रखरखाव के लिए 35 वर्षों का अनुबंध प्रस्तावित था। सहमति के आधार पर इसे पहली बार 30 साल और दूसरी बार 25 साल के लिए बढ़ाया जाएगा। सरकारी आयोजनों के लिए साल में 50 दिन जेपीएनआईसी को मुफ्त उपयोग के लिए दिया जाएगा।
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लंबे समय से राजनीति का केंद्र रहे जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को प्रदेश सरकार ने निजी क्षेत्र से संचालित कराने का निर्णय लिया है। आवास विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसे वृंदावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड एंड रॉकवुड होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्रालि को 30 साल की लीज पर दिया जाएगा।
जेपीएनआईसी का निर्माण राजधानी के गोमतीनगर में करोड़ों की लागत से हुआ था। निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत के कारण इसका संचालन नहीं हो पा रहा था। इससे बिल्डिंग खराब हो रही थी, जिसके मद्देनजर यह फैसला लिया गया। लीज लेने वाली कंपनी लखनऊ विकास प्राधिकरण को प्रतिवर्ष छह करोड़ रुपये देगी। इस धनराशि में हर साल पांच फीसदी की वृद्धि की जाएगी।
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कंपनी को 10.11 करोड़ रुपये अपफ्रंट प्रीमियम और 25 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस गारंटी भी देनी होगी। इससे एलडीए को परियोजना के लिए शासन द्वारा दी गई 821.74 करोड़ रुपये की धनराशि ब्याज सहित वापस मिलेगी। जेपीएनआईसी को 'जैसा है, जहां है' के आधार पर निजी सहभागिता से चलाया जाएगा।
अनुबंध और सुविधाएं: केंद्र के संचालन व रखरखाव के लिए 35 वर्षों का अनुबंध प्रस्तावित था। सहमति के आधार पर इसे पहली बार 30 साल और दूसरी बार 25 साल के लिए बढ़ाया जाएगा। सरकारी आयोजनों के लिए साल में 50 दिन जेपीएनआईसी को मुफ्त उपयोग के लिए दिया जाएगा। इस परियोजना में राज्य सरकार का ऑडिटोरियम और कन्वेंशन सेंटर की सुविधा होगी।
नौ साल से बंद रहने के कारण रहा बदहाल
जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय सेंटर (जेपीएनआईसी) अब दो साल में शुरू हो जाएगा। करीब नौ साल से बंद रहने के कारण यह बदहाल हो गया है। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि इसके निर्माण में लगभग 821 करोड़ रुपये की लागत आई है। एलडीए अगले 30 वर्षों में यह धनराशि शासन को वापस करेगा।
अनुबंध के अनुसार, चयनित कंपनी वृंदावन बॉटलर्स एंड रॉकवूड होटल्स को अपने खर्च पर दो साल के अंदर सभी अवशेष कार्य पूर्ण कराने होंगे। लीज व्यवस्था से जेपीएनआईसी के रखरखाव, अधूरे कार्यों को पूरा करने और प्रभावी संचालन में मदद मिलेगी। इससे एलडीए पर वित्तीय भार भी कम होगा। अधूरे कामों पर करीब 250 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
संचालन और सदस्यता शुल्क: जेपीएनआईसी में बने होटल, कन्वेंशन सेंटर, ऑडिटोरियम, पार्किंग और खेल सुविधा का संचालन चयनित कंपनी करेगी। हालांकि, म्यूजियम ब्लॉक के संचालन का अधिकार एलडीए के पास सुरक्षित रहेगा। जेपीएनआईसी को एक आधुनिक बहुउद्देशीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण है। एलडीए वीसी ने बताया कि जेपीएनआईसी में खेल सुविधा सदस्यता और क्लब सदस्यता का प्रावधान होगा। इसके लिए लोगों को शुल्क देना होगा। सदस्यता के लिए प्रभावी दरों का निर्धारण कंपनी नहीं, बल्कि शासन से बनी संचालन समिति करेगी।
ये काम कराने की पड़ेगी जरूरत
- लिफ्ट बंद रहने के कारण खराब हो गई हैं
- स्पोर्ट सेंटर में लगे डिजिटल स्क्रीन बोर्ड खराब हो गए हैं
- कुर्सी, सोफे आदि फर्नीचर खराब हो गया है
- फर्श काली पड़ गई है
- बिल्डिंग की खिड़कियों के बाहर की ओर लगे शीशे टूट गए हैं
- दीवार पर लगे पत्थर टाइल्स भी टूटकर गिर रहे हैं
- बिजली के तार और जनरेटर भी खराब हो गए हैं
- फिनिशिंग और सजावट के काम कराने पड़ेंगे
- अधूरी बाउंड्री और मुख्य द्वार को बनवाना होगा।
फैक्ट फाइल: एरिया 20 एकड़
- साल 2013 में निर्माण शुरू हुआ था और 2017 से काम बंद है।
- 700 गाड़ियों की क्षमता वाली तीन मंजिल मल्टीस्टोरी पार्किंग।
- 18वीं मंजिल पर हेलीपैड बना है।
- दो सभागार हैं, जिसमें एक की क्षमता 1000 और दूसरे की 2000 है।
- ऑल वेदर स्वीमिंग पूल और डाइविंग पूल है।
- लॉन टेनिस कोर्ट और कैफेटेरिया है।
अब सरकार को ठेके पर देना या बेचना बचा है: अखिलेश
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जेपीएनआईसी को 30 वर्ष की लीज पर निजी कंपनियों को देने के कैबिनेट के फैसले पर तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा सरकार है या दुकानदार। अब तो बस सरकार को ही ठेके पर देना या बेचना बचा है।
चयनित कंपनी के बारे में: एलडीए वीसी ने बताया कि जेपीएनआईसी के संचालन के लिए एलडीए ने मार्च में वैश्विक निविदा आमंत्रित की थी। इसमें दो बड़ी कंपनियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। निविदाओं के परीक्षण के बाद वृंदावन बॉटलर्स एंड रॉकवुड होटल्स का चयन किया गया। रॉकवुड होटल्स दुबई और न्यूयॉर्क समेत 30 बड़े देशों में होटल चलाती है। वृंदावन बॉटलर्स प्रदेश की सबसे बड़ी बॉटलिंग कंपनी है। सूत्रों के अनुसार, जिस कंपनी को संचालन का अधिकार मिला है, वह लखनऊ का लधानी ग्रुप है।