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यूपी: छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को सरकार देगी दूसरा मौका, फिर से खोला जाएगा पोर्टल; जानिए डिटेल
Thu, 02 Apr 2026 10:00 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 02 Apr 2026 10:00 PM IST
सार
Scholarships in UP: यूपी में उन छात्रों के लिए अच्छी खबर है जिनका किसी वजह से छात्रवृत्ति का आवेदन नहीं हो सका था। सरकार इसके लिए फिर पोर्टल खोलेगी।
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छात्रवृत्ति।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
समाज कल्याण विभाग शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का पोर्टल जल्द दोबारा खोलेगा, ताकि छूटे हुए विद्यार्थी पुनः आवेदन कर सकें। इसका उद्देश्य तकनीकी या अन्य कारणों से वंचित पात्र छात्रों को योजना का लाभ देना है। इस योजना का लाभ सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) तथा ट्रांसजेंडर समुदाय के छात्रों को मिलेगा, जिससे सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिलेगा। समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद छात्र तक शिक्षा का लाभ पहुंचाने और आर्थिक कारणों से पढ़ाई न छूटने देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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सफल युवाओं ने कहा, अभ्युदय योजना बनी सफलता की सीढ़ी
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक बार फिर युवाओं की सफलता की मजबूत आधारशिला बनकर उभरी है। यूपीपीसीएस 2024 के परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों ने इस योजना को अपनी सफलता का अहम कारण बताया है। रायबरेली के हर्ष सिंह, जिन्हें यूपीपीसीएस 2024 में 7वीं रैंक प्राप्त हुई है और डिप्टी एसपी पद पर चयन हुआ है, ने बताया कि अभ्युदय योजना से जुड़कर उन्हें तैयारी के हर चरण में मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कहा कि मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी में भी इस योजना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही।
उन्नाव के नमन तिवारी, जिनका चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ है, ने कहा कि अभ्युदय योजना ने परीक्षा के पैटर्न को समझने और रणनीति बनाने में उनकी काफी मदद की। उन्होंने बताया कि कई बार सिलेबस और विषयों को समझने में कठिनाई होती थी, लेकिन योजना के तहत उपलब्ध फैकल्टी और मार्गदर्शन ने इन चुनौतियों को आसान बना दिया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यह योजना उन छात्रों के लिए बेहद उपयोगी है, जो महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते।
अमरोहा के विजेंद्र सिंह, जिन्हें 741वीं रैंक प्राप्त हुई है, ने भी इस योजना को आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि अभ्युदय योजना के तहत न केवल कोचिंग, बल्कि आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे छात्रों को बेहतर तैयारी का माहौल मिलता है।
उन्नाव के नमन तिवारी, जिनका चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ है, ने कहा कि अभ्युदय योजना ने परीक्षा के पैटर्न को समझने और रणनीति बनाने में उनकी काफी मदद की। उन्होंने बताया कि कई बार सिलेबस और विषयों को समझने में कठिनाई होती थी, लेकिन योजना के तहत उपलब्ध फैकल्टी और मार्गदर्शन ने इन चुनौतियों को आसान बना दिया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यह योजना उन छात्रों के लिए बेहद उपयोगी है, जो महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते।
अमरोहा के विजेंद्र सिंह, जिन्हें 741वीं रैंक प्राप्त हुई है, ने भी इस योजना को आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि अभ्युदय योजना के तहत न केवल कोचिंग, बल्कि आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे छात्रों को बेहतर तैयारी का माहौल मिलता है।