मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वादा, पांच साल में देंगे 70 लाख नौकरियां
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और भारत में यूपी सबसे युवा राज्य है। 22 करोड़ की आबादी वाले इस राज्य में युवाओं की संख्या 63 प्रतिशत से भी अधिक है।
प्रदेश के युवा वर्ग को योग्य एवं कुशल बनाने पर फोकस करके बेहतर मैनपावर तैयार किया जा सकता है। कौशल विकास एवं आईटीआई के जरिए युवकों को प्रशिक्षण देकर तकनीकी तौर पर दक्ष बनाने की दिशा में तेजी से काम शुरू हुआ है।
सरकार ने तय किया है कि सभी मंत्रालयों से समन्वय करके 5 साल में कम से कम 70 लाख लोगों को कौशल विकास की ट्रेनिंग देकर उन्हें रोजगार दिलाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, इस लक्ष्य को पाने के लिए काम शुरू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री शनिवार को ‘विश्व युवा कौशल दिवस’ पर व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में युवकों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कम पढ़े-लिखे लोगों को हुनरमंद बनाने के लिए व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों की तारीफ की। कहा कि युवकों का रुझान भी कौशल विकास की ओर बढ़ा है। इसी का नतीजा है कि इस साल अब तक 10 लाख युवक कौशल विकास की ट्रेनिंग लेने के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। यह एक अच्छा संकेत है।
वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में रोजगार की अपार सम्भावनाएं
लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डेयरी, दुग्ध उत्पादन, कृषि, वस्त्र उद्योग, खादी ग्रामोद्योग, प्राविधिक शिक्षा, लघु व मध्यम उद्योग आदि विभागों के साथ मिलकर 70 लाख युवकों को रोजगार मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा।
थोड़े से प्रयास और विभिन्न मंत्रालयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करके युवकों को रोजगार देने के लिए काम करने की जरूरत है। वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। योगी ने कहा, ग्रामीण युवकों को भी सरकार के इन कार्यक्रमों का लाभ दिलाने के लिए तहसील व ब्लॉक स्तर पर आईटीआई खोलने के लिए हम जल्द ही कदम उठाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण युवकों को रोजगार दिलाने के लिए मंडल व जिले स्तर पर भी रोजगार मेले का आयोजन होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने युवकों को रोजगार दिलाने में विशेष योगदान देने वाले गोरखपुर के सीडीओ अनूप कुमार सिंह, निदेशक रोजगार एवं प्रशिक्षण राजेन्द्र प्रसाद और निदेशक राज्य कौशल विकास मिशन राजेश कुमार को सम्मानित किया। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा व केशव प्रसाद मौर्य के अलावा कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा मंत्री चेतन चौहान, राज्य मंत्री सुरेश पासी, प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, वक्फ राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने भी संबोधित किया।
बंद कताई मिलों को शुरू कराएंगे
सीएम ने कहा कि सरकार प्रदेश की बंद पड़ी कताई मिलों को फिर शुरू करने पर विचार करेगी। सरकार अगर इन मिलों को चलाने में असमर्थ होगी तो इन्हें पीपीपी मोड में देकर भी शुरू कराया जा सकता है।
101 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
योगी ने व्यावसायिक शिक्षा विभाग की 101 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इनमें आईटीआई के 6नवनिर्मित भवनों समेत 10 संस्थानों में सौर ऊर्जा संयंत्र, 25 संस्थानों में स्थापित लैब, 35 संस्थानों में तैयार कराए गए स्मार्ट क्लास रूम, 4 संस्थानों का जीर्णोद्धार और 17 संस्थानों में नवनिर्मित कार्यशालाओं का लोकार्पण शामिल है।
इसके अलावा 3 अन्य संस्थानों में सौर ऊर्जा संयंत्र और सुल्तानपुर में राजकीय शिल्पकार अनुदेशक प्रशिक्षण संस्थान का शिलान्यास भी किया गया।
88 छात्रों का सम्मान, 1100 को नियुक्ति पत्र
आईटीआई व कौशल विकास द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अच्छे अंक पाने वाले प्रदेश के 88 मेधावी छात्रों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद विभिन्न कंपनियों में नौकरी के लिएचयनित 1100 युवकों को नियुक्ति पत्र भी दिया।
राजस्थान की कंपनी से हुआ एमओयू
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कौशल विकास की ट्रेनिंग देकर युवकों को नौकरी देने के लिए राजस्थान की एक कंपनी से एमओयू की जानकारी दी।
सीएम की मौजूदगी में राज्य कौशल विकास मिशन और राजस्थान स्पिनिंग एंड विविंग मिल भीलवाड़ा के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
सरकार की ओर से कौशल विकास मंत्री चेतन चौहान और कंपनी की तरफ से एमडी अभिनव धवन ने हस्ताक्षर किए। एमओयू के मुताबिक यह कंपनी चार साल में 26 हजार युवकों को कपड़ा बनाने का तकनीकी प्रशिक्षण देगी। बाद में उनका प्लेसमेंट भी कराएगी।