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बर्ड फ्लू के मद्देनजर अंतर्राज्यीय सीमा पर खास नजर, यूपी नियंत्रित क्षेत्र घोषित, जीवित पक्षियों के आयात पर 24 जनवरी तक पाबंदी

Tue, 12 Jan 2021 08:19 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 12 Jan 2021 08:19 PM IST
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UP government stops import of birds in Uttar Pradesh.
- फोटो : PTI

सरकार ने बर्ड फ्लू के मद्देनजर अंतर्राज्यीय सीमा पर खास नजर रखने के निर्देश दिए हैं। ताकि, जीवित पक्षियों के प्रदेश में आयात पर लगाई गई रोक को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। फिलहाल यह पाबंदी 24 जनवरी तक के लिए लगाई गई है। प्रमुख सचिव, पशुधन भुवनेश कुमार का कहना है कि उसके बाद भी आयात पर पाबंदी रखने या न रहने देने के बाबत स्थिति को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा। बर्ड फ्लू को देखते हुए पूरे प्रदेश को नियंत्रित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। साथ ही कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा की ओर से सभी जिलाधिकारियों को जरूरी निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

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भुवनेश कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश में दूसरे राज्यों से जीवित पक्षियों के आयात पर पाबंदी है। प्रदेश की सीमा में पोल्ट्री आदि के व्यवसाय पर किसी तरह की कोई रोक नहीं है। वहीं, एपीसी की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि एवियन इंफ्लूएंजा की सघन निगरानी के लिए जलाशयोंके पास आने वाले प्रवासी पक्षियों और कुक्कुट फार्मों की लगातार कड़ी चौकसी की जाए। पक्षी की अस्वाभाविक मृत्यु होने पर शव को तत्काल परीक्षण के लिए आईवीआरआई, बरेली या नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनीमल डिजीज, भोपाल भेजा जाए। पोल्ट्री फार्म मालिकों के लिए साफ-सफाई के विशेष निर्देश दिए जाएं। मुर्गियां, अन्य पक्षियों व अंडों का परिवहन खुले वाहनों से बिल्कुल भी न किया जाए। कुक्कुट व उससे संबंधित उत्पाद की बिक्री वाले बाजार सप्ताह में एक दिन बंद रखे जाएं। उस दिन विसंक्रमित करने का काम किया जाए।
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बर्ड सैंक्चुअरी, जलाशयों और पार्कों को, जहां जंगली पक्षियों का आवागमन हो, वहां संक्रमण रोकने के लिए बायो सुरक्षा के उपाय किए जाएं। जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालन विभाग के कंट्रोल रूम को चौबीसो घंटे चालू रखने के लिए निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारियों को कहा गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके जिलों में पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट और फेस मास्क उपलब्ध रहें। बर्ड फ्लू से बचने के लिए जिलास्तरीय टास्क फोर्स माह में कम से कम एक बैठक जरूर करे। यह भी देखें कि आम जनता में अफवाहों के आधार पर अनावश्यक भय और भ्रांति न फैलने पाए।
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प्रदेश के सभी वेटलैंड्स पर रखी जा रही खास नजर

कानपुर जू में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद वन विभाग हाईअलर्ट पर है। प्रदेश के सभी वेटलैंड्स पर विशेष नजर रखी जा रही है। जबकि आने वाले प्रवासी पक्षियों की मॉनिटरिंग के लिए टीमें बना दी गई हैं। इसके लिए दूरबीन भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त सभी वन्यजीव अभयारण्य, चिड़ियाघरों और टाइगर रिजर्व में भी चौकसी बढ़ा दी गई है।

दरअसल, प्रदेश में इस मौसम में दूसरे देशों से बड़ी संख्या में पक्षी आते हैं। रायबरेली स्थित समसपुर बर्ड सेंक्चुरी, एटा की पटना बर्ड सेंक्चुरी, दिल्ली-आगरा हाईवे पर स्थित सूर सरोवर और ओखला व उन्नाव में स्थित बर्ड सेंक्चुरी में सैकड़ों प्रजातियों के विदेशी पक्षियों का नवंबर से जनवरी तक जमावड़ा रहता है। अधिकतर जिलों में स्थित वेटलैंड्स में भी बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। इसलिए वन कर्मियों को आरक्षित वन क्षेत्र के अलावा वेटलैंड के किनारे भी दूरबीन लेकर बैठाया गया है ताकि बर्ड फ्लू की जरा भी आशंका होने पर चिकित्सकों की टीम भेजी जा सके।

इस बात की संभावना अधिक है कि प्रवासी पक्षियों से ही यूपी में बर्ड फ्लू आया है। इसलिए कहीं भी प्रवासी पक्षी के मृत पाए जाने पर उसके शव को प्रयोगशाला में जांच कराए जाने के निर्देश गिए गए हैं। वन विभागाध्यक्ष सुनील पांडेय ने कहा कि पशुपालन विभाग के साथ मिलकर वन विभाग भी पूरी स्थिति पर निगाह रखे हुए है। पूरा प्रयास है कि यह बीमारी जानवरों से इंसानों में न पहुंच पाए।
 

बलिया में दर्जनों कौवों की मौत, मचा हड़कंप

बलिया के सहतवार थाना क्षेत्र के बिनहां मोड़ के पास दर्जनों कौवे मृत मिले। सोमवार की सुबह कौवों के मरने की खबर मिलते ही लोगों में बर्ड फ्लू को लेकर अफरातफरी मच गई। तत्काल इसकी सूचना 112 नंबर पर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने मृत कौवों को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।

सोनभद्र में कौवे, कबूतर के बाद अब उल्लू मृत मिले
चपकी में सोमवार को एक उल्लू मृत मिला। लोगों की सूचना पर पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, डाला में मृत मिले कौवों की भोपाल स्थित लैब से बर्ड फ्लू की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।

कानपुर में चिड़ियाघर के 935 पक्षियों के सैंपल लिए
चिड़ियाघर में मृत मिले दो जंगली मुर्गों में शनिवार को बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद सोमवार को सात बाड़ों के 935 पक्षियों के सैंपल लिए गए। झील के पानी, मिट्टी और पक्षियों के मल के नमूने भी जुटाए गए हैं। सभी नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे। चिड़ियाघर के दो मुर्गों में पुष्टि के बाद उनके संपर्क में आए आठ मुर्गों को जला दिया गया था। साथ ही जू के अन्य पक्षियों की जांच कराने का निर्णय लिया गया था।

इसी क्रम में पीपीई किट से लैस आठ टीमों ने पक्षीघर और पक्षी लोक से सैंपल लिए हैं। चिड़ियाघर के उपनिदेशक एके सिंह ने बताया कि चिड़ियाघर के 14 कर्मचारी संक्रमित मुर्गों के संपर्क में आए थे। उनके चिड़ियाघर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। साथ ही उनकी लगातार निगरानी भी की जा रही है।
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