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यूपी सरकार ने कोविड-19 आपदा से बचाव के लिए केंद्र से मांगे 3003 करोड़, सीएम ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
Mon, 18 May 2020 11:31 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 18 May 2020 11:31 PM IST
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प्रदेश सरकार ने कोविड-19 महामारी से बचाव, इलाज व श्रमिकों-मजदूरों की आर्थिक सहायता के लिए केंद्र से 3003.75 करोड़ की राहत राशि मांगने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार शाम इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके बाद इसे केंद्र सरकार को भेज दिया गया।
प्रदेश सरकार कोविड-19 महामारी को आपदा घोषित किए जाने के बाद राज्य आपदा मोचक फंड (एसडीआरएफ) से दूसरे राज्यों में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों व कामगारों को ट्रेन व बसों से लाने, शेल्टर होम व क्वारंटीन सेंटर्स की स्थापना व भोजन की व्यवस्था, होम क्वारंटीन किए गए लोगों में राशन किट का वितरण, 2000 से अधिक कम्युनिटी किचन की स्थापना, श्रमिकों को 1000-1000 रुपये के भुगतान तथा निम्न आय वर्ग के लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने का काम अभियान के साथ कर रही है।
प्रदेश को 14 वें वित आयोग की संस्तुति के क्रम में वित वर्ष 2019-20 में राज्य आपदा मोचक निधि के अंतर्गत 870 करोड़ रुपये मिले थे। चालू वित वर्ष 2020-21 से 15 वें वित आयोग की संस्तुतियां लागू की गई हैं। इस वर्ष प्रदेश को एसडीआरएफ के अंतर्गत 2578 करोड़ रुपये मिले हैं। इसी मद से ये खर्चे हो रहे हैं।
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प्रदेश में करीब 18.65 लाख प्रवासी श्रमिकों ने अपने घर वापसी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। इन पर भी लगातार खर्च होने का अनुमान है। राहत आयुक्त संजय गोयल ने महामारी से बचाव व अन्य कार्यों के लिए केंद्र से राष्ट्रीय आपदा मोचक फंड से 3003.75 करोड़ रुपये और उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
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प्रदेश सरकार कोविड-19 महामारी को आपदा घोषित किए जाने के बाद राज्य आपदा मोचक फंड (एसडीआरएफ) से दूसरे राज्यों में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों व कामगारों को ट्रेन व बसों से लाने, शेल्टर होम व क्वारंटीन सेंटर्स की स्थापना व भोजन की व्यवस्था, होम क्वारंटीन किए गए लोगों में राशन किट का वितरण, 2000 से अधिक कम्युनिटी किचन की स्थापना, श्रमिकों को 1000-1000 रुपये के भुगतान तथा निम्न आय वर्ग के लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने का काम अभियान के साथ कर रही है।
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प्रदेश को 14 वें वित आयोग की संस्तुति के क्रम में वित वर्ष 2019-20 में राज्य आपदा मोचक निधि के अंतर्गत 870 करोड़ रुपये मिले थे। चालू वित वर्ष 2020-21 से 15 वें वित आयोग की संस्तुतियां लागू की गई हैं। इस वर्ष प्रदेश को एसडीआरएफ के अंतर्गत 2578 करोड़ रुपये मिले हैं। इसी मद से ये खर्चे हो रहे हैं।
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प्रदेश में करीब 18.65 लाख प्रवासी श्रमिकों ने अपने घर वापसी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। इन पर भी लगातार खर्च होने का अनुमान है। राहत आयुक्त संजय गोयल ने महामारी से बचाव व अन्य कार्यों के लिए केंद्र से राष्ट्रीय आपदा मोचक फंड से 3003.75 करोड़ रुपये और उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
किस मद में कितनी धनराशि की मांग
- ट्रेन से प्रवासी मजदूरों को लाने पर खर्च 80,00,00,000
- बसों से प्रवासियों को लाने पर खर्च 8,16,71,40,000
- बसों के सैनिटाइजेशन पर 1,20,00,00,000
- होम गार्ड पर खर्च 42,12,00,000
- शेल्टर होम-स्क्रीनिंग कैंप की स्थापना व भोजन 4,22,32,17,000
- होम कोरंटाइन किए गए लोगों को राशन किट 3,66,01,21,400
- कम्युनिटी किचन की स्थापना व फूड पैकेज वितरण 3,30,00,00,000
- कम्युनिटी किचन से विशेष आवश्यकता वाले लोगों को राशन 2,88,00,00,000
- श्रमिकों को 1000-1000 रुपये भरण-पोषण भता
- 4,10,65,62,000 कम आय वर्ग के लोगों को राशन किट का वितरण -1,27,93,48,117
- कुल 30,03,75,88,517