UP News: 47 आईटीआई, पॉलिटेक्निक संस्थानों में पीएसपी मॉड्यूल से कौशल विकास करेगी योगी सरकार
यूपी सरकार प्रदेश में आईटीआई व पॉलिटेक्निक संस्थानों के उचित संचालन व प्रशिक्षुओं की व्यवस्थित ट्रेनिंग प्रणाली विकसित करने पर फोकस करेगी। इसके तहत शॉर्ट टर्म वोकेशनल ट्रेनिंग के जरिए कौशल विकास को बढ़ावा देने की प्रक्रिया को लक्षित किया जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने तकनीकी शिक्षण तंत्र की सुदृढ़ता को सुनिश्चित करते हुए प्रदेश में 47 आईटीआई व पॉलिटेक्निक संस्थानों के संचालन तथा प्रशिक्षुओं की ट्रेनिंग प्रणाली की प्रक्रिया विकसित करने पर फोकस कर रही है। इस क्रम में प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय (प्रशिक्षण प्रखंड) ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बने आईटीआई व पॉलिटेक्निक संस्थानों के संचालन तथा प्रशिक्षुओं की ट्रेनिंग व कौशल विकास की प्रणाली को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिए प्राइवेट सेक्टर पार्टनरशिप (पीएसपी) मॉड्यूल के आधार पर एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने पर इन सभी आईटीआई व पॉलिटेक्निक संस्थानों में शॉर्ट टर्म वोकेशन कोर्सेस समेत तमाम शिक्षण प्रक्रियाओं व गतिविधियों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
उचित संचालन समेत कई कार्यों को करना होगा पूरा
सीएम योगी के विजन अनुसार, प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय (प्रशिक्षण प्रखंड) द्वारा पीएसपी मॉड्यूल को लागू करते हुए शिक्षण व ट्रेनिंग प्रोग्राम को बढ़ावा देने के लिए उचित एजेंसियों के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस क्रम में, इन संस्थानों के समुचित कामकाज के लिए आवश्यक कर्मचारियों का वेतन, उपभोग्य वस्तुएं, बिजली, रखरखाव, अचल संपत्तियों (भूमि और भवन) से संबंधित सभी करों और लेवी का भुगतान पीएसपी द्वारा किया जाएगा। इन एजेंसियों द्वारा आईटीआई 2 शिफ्ट में संचालित होंगे जबकि पॉलिटेक्निक में हर दिन 1 शिफ्ट का संचालन होगा। आईटीआई और पॉलिटेक्निक के लिए भूमि और भवन के संदर्भ में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ ही प्रबंधन प्रणाली को भी विकसित करना होगा।
एनसीवीटी व एआईसीटीई के मानकों का पालन होगा सुनिश्चित
पीएसपी माध्यम से ऑपरेट होने पर चयनित 47 आईटीआई व पॉलिटेक्निक संस्थानों में एनसीवीटी और एआईसीटीई दिशानिर्देशों के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। अगर जरूरी हुआ तो आईटीआई और पॉलिटेक्निक में शॉर्ट टर्म करिकुलम और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए बदलाव व यंत्रों की खरीद प्रक्रिया को भी पूर्ण किया जाएगा। प्रबंधन, संचालन और प्रदर्शन से संबंधित नियमों, नीतियों और जानकारी के लिए एक वेबसाइट के जरिए इसे स्थापित भी किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि जिन 47 आईटीआई व पॉलिटेक्निक संस्थानों में इस प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा उनमें मिर्जापुर (सदर), गोंडा (कर्नैलगंज), बहराइच (सलारपुर), शाहजहांपुर (नूरपुर तरसौरा व जलालाबाद), फर्रूखाबाद (कायमगंज), हरदोई (गोपामऊ), बस्ती, बलरामपुर (घुंघलपुर), बरेली (फरीदपुर) व बिजनौर (धामपुर) मुख्य हैं। इसके अतिरिक्त, कन्नौज (छिबरामऊ), मऊ (घोसी), आजमगढ़ (फूलपुर पवई), बदायूं (बिलसी), रायबरेली (सलोन), हाथरस (सिकंदरा राव), बांदा (पैलानी), श्रावस्ती (इकौना), कुशीनगर (कसया), चित्रकूट (बरगढ़), फतेहपुर (देवमई), बस्ती व बुलंदशहर समेत अन्य कई जिलों में अवस्थित आईटीआई व पॉलिटेक्नीक में पीएसपी मॉड्यूल को लागू करते हुए शिक्षण व ट्रेनिंग प्रोग्राम को बढ़ावा दिया जाएगा।