{"_id":"595c8f964f1c1b6e798b47a4","slug":"up-government-gives-green-signal-to-new-industrial-policy-2017","type":"story","status":"publish","title_hn":"40 फीसदी महिलाओं को नौकरी देने वालों को मिलेगी खास रियायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
40 फीसदी महिलाओं को नौकरी देने वालों को मिलेगी खास रियायत
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:58 PM IST
विज्ञापन
सीएम आदित्यनाथ योगी
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने मंगलवार को यूपी औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 को मंजूरी दे दी। इस नीति में निवेश के साथ रोजगार को खास तौर से जोड़ा गया है।
औद्योगिक विकास के लिहाज से क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए सरकार ने पूर्वांचल व बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए ज्यादा रियायतों का एलान किया है।
औद्योगिक विकास के लिहाज से क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए सरकार ने पूर्वांचल व बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए ज्यादा रियायतों का एलान किया है।
विज्ञापन
जिन उद्योगों में महिलाओं की 40 प्रतिशत व एससी-एसटी की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त रियायत मिलेगी। इसी तरह रोजगार को बढ़ावा देने के लिए न्यूनतम 200 कुशल व अकुशल श्रमिकों को रोजगार देने वाली इकाइयों को ईपीएफ के नियोक्ता अंश में अतिरिक्त प्रतिपूर्ति की जाएगी।
उद्योगों में महिलाओं, एससी-एसटी व बीपीएल को अधिक अवसर देने वाले निवेशकों को नेट वैट, सीएसटी व जीएसटी के तहत अतिरिक्त छूट दी जाएगी।
विज्ञापन
औद्योगिक विकास के लिहाज से क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए सरकार ने पूर्वांचल व बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए ज्यादा रियायतों का एलान किया है।
विज्ञापन
औद्योगिक विकास के लिहाज से क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए सरकार ने पूर्वांचल व बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए ज्यादा रियायतों का एलान किया है।
विज्ञापन
जिन उद्योगों में महिलाओं की 40 प्रतिशत व एससी-एसटी की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त रियायत मिलेगी। इसी तरह रोजगार को बढ़ावा देने के लिए न्यूनतम 200 कुशल व अकुशल श्रमिकों को रोजगार देने वाली इकाइयों को ईपीएफ के नियोक्ता अंश में अतिरिक्त प्रतिपूर्ति की जाएगी।
उद्योगों में महिलाओं, एससी-एसटी व बीपीएल को अधिक अवसर देने वाले निवेशकों को नेट वैट, सीएसटी व जीएसटी के तहत अतिरिक्त छूट दी जाएगी।