फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   up government don't have good officers

अच्छे अधिकारियों की कमी के दौर से गुजर रही सरकार

Mon, 02 Jul 2018 01:20 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 02 Jul 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
up government don't have good officers
मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय - फोटो : amar ujala

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. अनूप चंद्र पांडेय को ऐसे समय में मुख्य सचिव की कुर्सी मिली है, जब सरकार अच्छे अफसरों की सर्वाधिक कमी के दौर से गुजर रही है। ठीक छवि के जो अफसर हैं, वे पहले से ही महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। कई अफसरों के पास तो कई-कई पदों की जिम्मेदारी है। ऐसे में नए मुख्य सचिव की नई टीम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

विज्ञापन


नवनियुक्त मुख्य सचिव ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूपी में सबसे अच्छी ब्यूरोक्रेसी होने की बात कही है। उन्होंने किसान, नौजवान, कानून-व्यवस्था, आम आदमी व इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास को अपनी प्राथमिकता में बताया।
विज्ञापन


इन पर तेजी से काम के लिए कई महत्वपूर्ण विभागों में फेरबदल की जरूरत है, लेकिन वरिष्ठ आईएएस अफसरों के लगातार रिटायर्ड होने और बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण पद खाली होने से विकल्प सीमित हो गए हैं। ऐसे में वह इसके लिए क्या रास्ता निकालते हैं, देखने वाली बात होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

छह महीने में 25 आईएएस अधिकारी हो गए रिटायर

एक जनवरी से अभी तक 24 आईएएस अधिकारी रिटायर हो चुके हैं। इनमें पांच अधिकारी ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे। वहीं, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हरिराज किशोर की पिछले दिनों सेवाकाल में मृत्यु हो गई।

चंचल, संजीव सचिवालय से बाहर गए तो कई और पद होंगे खाली
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी चंचल कुमार तिवारी, संजीव सरन और ललित वर्मा यदि सचिवालय से बाहर गए तो राजस्व, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स तथा नियोजन व कार्यक्रम क्रियान्वयन जैसे विभाग भी खाली हो जाएंगे।

आधा दर्जन साइडलाइन अफसरों के दिन बहुरने के संकेत नहीं 
पिछली सरकार की छाप वाले करीब आधा दर्जन अफसर इस सरकार के आने के समय से ही साइडलाइन हैं। इसके अलावा खराब छवि वाले कई अफसर भी महत्वहीन पदों पर कार्यरत हैं। इनमें कई अधिकारी पूरी ताकत से मुख्य धारा में वापसी के प्रयास कर रहे हैं। पर, इनमें से किसी के भी अहम विभागों के जरिए वापसी के संकेत नजर नहीं आ रहे।

अधिकारियों की कमी का संकट दूर होने की उम्मीद नहीं 

अधिकारियों की कमी का संकट काफी दिनों तक बने रहने के संकेत हैं। इस महीने पीसीएस से आईएएस की संभावित पदोन्नति और जनवरी- 2019 में आईएएस काडर की नियमित पदोन्नति व्यवस्था से वरिष्ठ पदों पर अफसरों की उपलब्धता को लेकर बहुत फर्क पड़ने की संभावना नहीं है।

वजह, जुलाई में पीसीएस से पदोन्नति पाकर 31 अफसर आईएएस सेवा में आ जाएंगे, लेकिन ये शासन में विभाग स्तरीय जिम्मेदारी नहीं पा सकते। दूसरी ओर जनवरी में बैचवार पदोन्नति से सीमित संख्या में सचिव या इससे उच्च स्तर के अफसर मिलेंगे। इनमें से कई पहले से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं या औसत छवि के हैं।

वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे प्रमोटी आईएएस अधिकारी अनिल राजकुमार प्रतीक्षारत हैं। वे सचिव स्तर के अधिकारी हैं। या तो उन्हें किसी एक विभाग में सचिव बनाया जा सकता है या किसी मंडल का आयुक्त बनाया जा सकता है। इनका कार्यकाल भी दिसंबर तक ही है।

इन प्रमुख पदों के लिए अच्छे अफसरों की तलाश 

कृषि उत्पादन आयुक्त, बेसिक शिक्षा, भूतत्व एवं खनिकर्म, औद्योगिक विकास, संस्थागत वित्त, लोक निर्माण, सचिवालय प्रशासन, नियोजन एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, मंडलायुक्त चित्रकूटधाम, आयुक्त ग्राम्य विकास, निदेशक सूडा, चेयरमैन ग्रेटर नोएडा, मंडलायुक्त बस्ती और राजस्व विभाग। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed