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कर्नाटक की तर्ज पर यूपी में भी तैयार होगी शहरी संपत्तियों की यूनिक आईडी, हाई पावर कमेटी का गठन
Tue, 11 Feb 2020 09:10 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 11 Feb 2020 09:10 AM IST
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : पीटीआई
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कर्नाटक की तर्ज पर यूपी में भी शहरी संपत्तियों की भी यूनिक आईडी तैयार की जाएगी। इसके लिए नगर विकास विभाग ने ‘अर्बन प्रॉपर्टी ओनरशिप रिकार्ड’ (यूपीओआर) की व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रदेश सरकार ने उप्र नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड के चेयरमैन राकेश गर्ग की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय ‘हाई पॉवर कमेटी’ का गठन किया है। यह कमेटी जल्द ही कर्नाटक समेत अन्य राज्यों में जाकर वहां की शहरी संपत्तियों के रखरखाव की व्यवस्था अध्ययन करेगी।
कमेटी की अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश में यूपीओआर की व्यवस्था लागू की जाएगी। दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों में तो पहले ही खसरा व खतौनी का डिजिटलाइजेशन हो चुका है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में सरकारी संपत्तियों का रिकार्ड पुरानी व्यवस्था के तहत ही रखा जाता है।
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कर्नाटक देश का पहला राज्य है, जहां शहरी संपत्तियों का भी डिजिटलाइजेशन करके उनका यूनिक आईडी तैयार किया गया है। इसके अलावा कई अन्य राज्यों में भी इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी चल रही है।
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इस व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रदेश सरकार ने उप्र नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड के चेयरमैन राकेश गर्ग की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय ‘हाई पॉवर कमेटी’ का गठन किया है। यह कमेटी जल्द ही कर्नाटक समेत अन्य राज्यों में जाकर वहां की शहरी संपत्तियों के रखरखाव की व्यवस्था अध्ययन करेगी।
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कमेटी की अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश में यूपीओआर की व्यवस्था लागू की जाएगी। दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों में तो पहले ही खसरा व खतौनी का डिजिटलाइजेशन हो चुका है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में सरकारी संपत्तियों का रिकार्ड पुरानी व्यवस्था के तहत ही रखा जाता है।
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कर्नाटक देश का पहला राज्य है, जहां शहरी संपत्तियों का भी डिजिटलाइजेशन करके उनका यूनिक आईडी तैयार किया गया है। इसके अलावा कई अन्य राज्यों में भी इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी चल रही है।
इसी तरह यूपी में भी शहरी संपत्तियों का डिजिटलाइजेशन करने की व्यवस्था की जानी है। इस व्यवस्था के लागू होने से संपत्तियों के मालिकाना हक, संपत्तियों की श्रेणी (आवासीय, हरित, व्यावसायिक, कृषि आदि), विवाद की स्थिति स्पष्ट रहेगी, वहीं संपत्तियों के म्यूटेशन आदि की व्यवस्था भी आसान होगी।
शहरी क्षेत्र में स्थित संपत्तियों का डिजिटलाइजेशन होने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नगर निकायों को मिलने वाले गृह, सीवर व जलकर आदि के बारे में भी आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
यह साफ हो जाएगा कि निकाय क्षेत्र में कितने मकानों से कर की वसूली हो रही है और कितने लोग अभी तक कर नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा सरकार के निर्देश पर चलाए गए एंटी भूमाफिया अभियान के तहत खाली कराई गई सरकारी संपत्तियों का भी पता चल सकेगा। कितनी संपत्तियों पर अभी भी अवैध कब्जा है, इसका पता लगाना भी आसान हो जाएगा।
अन्य प्रदेशों में यूपीओआर व्यवस्था लागू करने को लेकर चल रही तैयारियों का अध्ययन करने के लिए प्रमुख सचिव नगर विकास ने इस हाईपावर कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी व्यवस्था लागू करने के लिए अधिनियम व नियमों में जरूरी बदलाव करने के बारे में भी अपनी संस्तुति देगी।
शहरी क्षेत्र में स्थित संपत्तियों का डिजिटलाइजेशन होने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नगर निकायों को मिलने वाले गृह, सीवर व जलकर आदि के बारे में भी आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
यह साफ हो जाएगा कि निकाय क्षेत्र में कितने मकानों से कर की वसूली हो रही है और कितने लोग अभी तक कर नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा सरकार के निर्देश पर चलाए गए एंटी भूमाफिया अभियान के तहत खाली कराई गई सरकारी संपत्तियों का भी पता चल सकेगा। कितनी संपत्तियों पर अभी भी अवैध कब्जा है, इसका पता लगाना भी आसान हो जाएगा।
अन्य प्रदेशों में यूपीओआर व्यवस्था लागू करने को लेकर चल रही तैयारियों का अध्ययन करने के लिए प्रमुख सचिव नगर विकास ने इस हाईपावर कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी व्यवस्था लागू करने के लिए अधिनियम व नियमों में जरूरी बदलाव करने के बारे में भी अपनी संस्तुति देगी।
हाई पावर कमेटी में होंगे ये 8 सदस्य
- चैयरमैन, उप्र अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड
- जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक द्वारा नामित अधिकारी
- रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के निदेशक द्वारा नामित अधिकारी
- मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक
- अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव कर एवं निबंधन द्वारा नामित अधिकारी
- अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव राजस्व द्वारा नामित अधिकारी
- संबंधित नगर निगम के आयुक्त व विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष
- निदेशक स्थानीय नगरीय निदेशालय
- जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक द्वारा नामित अधिकारी
- रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के निदेशक द्वारा नामित अधिकारी
- मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक
- अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव कर एवं निबंधन द्वारा नामित अधिकारी
- अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव राजस्व द्वारा नामित अधिकारी
- संबंधित नगर निगम के आयुक्त व विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष
- निदेशक स्थानीय नगरीय निदेशालय