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UP: यूपी सरकार का दावा - सात साल में 12.80 लाख करोड़ से 26 लाख करोड़ के पार पहुंचा बैंकिंग व्यवसाय
Wed, 21 Feb 2024 02:13 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 21 Feb 2024 02:13 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता का कवरेज 75 जिलों तक करने के लिए मिशन मोड में काम किया जाएगा। 59 प्रतिशत सीडी रेशियो का लक्ष्य पूरा हो गया है अब अगले वर्ष में सीडी रेशियों का लक्ष्य 65 प्रतिशत होगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बैंकों का सीडी रेशियो (ऋण जमानुपात) 58.59% होने पर प्रसन्नता जताते हुए आगामी वित्तीय वर्ष में इसे 65 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बैंकों को हर संभव सहायता और सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता का कवरेज सभी 75 जिलों तक करने के लिए मिशन मोड में काम करने का आह्वान किया है।
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बुधवार को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के दिसंबर 2023 में समाप्त तिमाही की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि हर जरूरतमंद और ऊर्जावान युवा को ऋण के रूप में वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के हमारे प्रयासों में बैंकों ने सराहनीय भूमिका निभाई है। ऋण मेलों का यह क्रम आगे भी सतत जारी रहे। बैंक लोन देने में संकोच न करें। सरकार अपनी हर योजना में ऋण दिलाने से पहले लाभार्थी का प्रशिक्षण, क्षमता वृद्धि जरूर सुनिश्चित करायेगी।
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राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ' फैमिली आईडी' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सभी बैंक, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों का पूरा डेटा उपलब्ध करायें। ताकि प्रदेश के हर परिवार की स्थिति का सही आकलन किया जा सके। अटल पेंशन, जीवन ज्योति बीमा, जनधन सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार हर नागरिक को सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।
विशेष बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने वित्तीय समावेशन के प्रयासों में 'वन जीपी-वन बीसी' (एक ग्राम पंचायत-एक बीसी सखी) कार्यक्रम की सराहना करते हुए बैंकों को बीसी सखियों को और प्रोत्साहन देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस एक कार्यक्रम ने महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है और यह फाइनेंशियल इनक्लूजन का शानदार उदाहरण बनकर उभरा है। वहीं, हालिया पेटीएम पेमेंट बैंक प्रकरण से उपजी स्थितियों से प्रभावित बीसी सखियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने पर जोर दिया।
बैंकों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने और सीसीटीवी फुटेज को पुलिस व प्रशासन को आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराने के लिए सुचारू व्यवस्था बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि 2016-17 में प्रदेश में 12.80 लाख करोड़ का बैंकिंग बिजनेस था जो आज 26.80 लाख करोड़ के पार हो गया है। यह उत्साहजनक है।
विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने बड़ौदा-यूपी ग्रामीण बैंक और आर्यावर्त ग्रामीण बैंक को राज्यांश प्रदान किया, साथ ही 1.10 लाख किसान क्रेडिट कार्ड , 1111 बैंकिंग आउटलेट का शुभारंभ और 10 बीसी सखियों को टूल किट वितरित किये। बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सीजीएम निशा नाम्बियार की भी विशेष उपस्थिति रहीम उन्होंने डिजिटल बैंकिंग के विस्तार पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बैंकर्स कमेटी की बैठक राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रत्येक तीन माह में और जनपद में प्रत्येक माह करने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम के तहत एचडीएफसी बैंक द्वारा 150 वनटांगिया गाँवों को अपनाने की प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया गया। बैंक इन ग्रामों में 75 स्मार्ट क्लासेज का निर्माण के साथ ही ही विकास के अनेक कार्य कराएगा।
ऐसे बेहतर हुई वित्तीय स्थिति
- 2016-17 में बैंकों द्वारा प्रदेश में कुल 137452 करोड़ ऋण वितरित किया गया था। जबकि 2022-23 में कुल 300430 करोड़ का ऋण दिया गया। और दिसंबर 2023 तक 298551 करोड़ का ऋण वितरित जा चुका है।
- 07 वर्ष में 2,42,097 नए बैंकिंग आउटलेट की स्थापना।
- 07 वर्ष में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 167 लाख नए लाभार्थी जुड़े।
- 07 वर्ष में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 459 लाख नए लाभार्थी जुड़े।
- केंद्र पोषित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में यूपी नम्बर एक।