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यूपी: मदरसा शिक्षक नियुक्ति में फर्जीवाड़ा, छह पर केस, एक पद पर दो शिक्षकों को नियुक्ति कर हड़पा वेतन
Mon, 14 Aug 2023 05:53 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 14 Aug 2023 05:53 AM IST
सार
एफआईआर में एक ही पद पर दो शिक्षकों की नियुक्ति कर सरकारी धन का गबन करने का आरोप है। इस मामले में शिक्षक शहादत अली, फैयाज अहमद मिस्बाही, मदरसा प्रबंधक सुबराती, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बाबू श्रवण, प्रधानाचार्य, लिपिक अब्दुल कदीर को आरोपी बनाया गया है।
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मदरसा में होती पढ़ाई। फाइल फोटो
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
बलरामपुर के मदरसा अहले सुन्नत नुरुल उलूम अतीकिया महाराजगंज तराई में फर्जी दस्तावेज के सहारे शिक्षक की नियुक्ति कर सरकारी वेतन लेने का मामला सामने आया है। उप निदेशक प्रयागराज मंडल की जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद मदरसा बोर्ड की रजिस्ट्रार डॉ. प्रियंका अवस्थी ने हजरतगंज थाने में मदरसा प्रबंधक, प्रधानाचार्य, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बाबू सहित छह के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया है।
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एफआईआर में एक ही पद पर दो शिक्षकों की नियुक्ति कर सरकारी धन का गबन करने का आरोप है। इस मामले में शिक्षक शहादत अली, फैयाज अहमद मिस्बाही, मदरसा प्रबंधक सुबराती, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बाबू श्रवण, प्रधानाचार्य, लिपिक अब्दुल कदीर को आरोपी बनाया गया है। इसमें शहादत अली की फर्जीवाड़ा कर शिक्षक के पद पर नियुक्ति की बात कही गई है। जबकि मदरसा बोर्ड से इस पद पर अमजद रजा की नियुक्ति की गई। इससे संबंधित फाइल मदरसा प्रबंधक व प्रधानाचार्य ने दबा रखी। जून में मदरसा के बाबू अब्दुल कदीर ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में शिक्षक व कर्मचारियों के वेतन भुगतान का जब बिल पेश किया तो तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बालेंदु कुमार द्विवेदी ने आपत्ति जताते हुए सारे दस्तावेज पेश करने को कहा। लेकिन तय समय तक मदरसा प्रबंधन ने न कोई जवाब दिया और न ही कोई पत्रावली पेश की।
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ऐसे खुला मामला
इस फर्जीवाड़े का खुलासा गोरखपुर के समाजसेवी एजाज अहमद की ओर से 4 जुलाई की गई शिकायत से हुआ। शिकायत में एजाज ने कहा था कि मदरसा प्रबंधन ने शिक्षक के एक ही पद पर एक ही पत्रांक व दिनांक दर्शाते हुए दो व्यक्तियों अमजद रजा और शहादत अली की नियुक्ति की गई है। इसमें फर्जी दस्तावेज लगाए गए हैं और बैक डेट में नियुक्ति पत्र व अनुमोदन पत्र जारी किया गया। इसके बाद तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बलरामपुर बालेंदु द्विवेदी ने अपनी रिपोर्ट मदरसा शिक्षा परिषद को 18 जुलाई को भेजी। इसके बाद परिषद ने इस मामले की जांच उप निदेशक प्रयागराज मंडल जगमोहन सिंह से कराई। इस जांच में भी फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए।
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मृत शिक्षक की जगह की गई थी दो की तैनाती
इस मदरसा के शिक्षक अनीस अहमद की 20 अगस्त 2020 को मौत हो गई थी। इसके बाद खाली पद पर दो व्यक्तियों शहादत अली व अमजद रजा को नियुक्ति पत्र जारी किया गया। 6 मई 2022 को मदरसा परिषद से जाली अनुमोदन पत्र भी जारी करा लिया गया। इसमें तत्कालीन रजिस्ट्रार एसएन पांडेय द्वारा अमजद रजा के अनुमोदन पत्र पर हस्ताक्षर होने की पुष्टि हुई जबकि शहादत अली के अनुमोदन पत्र पर दस्तखत कूटरचित पाए गए। वहीं, मदरसा के प्रबंधक सुबराती, सहायक अध्यापक फैयाज अहमद मिस्बाही, प्रधानाचार्य व लिपिक अब्दुल कदीर की सांठगांठ से जाली दस्तावेज बनाकर शहादत अली की नियुक्ति पत्रावली व वेतन बिल तैयार किया गया।