यूपी: चार लाख ईमेल बनाकर पाकिस्तानी-बांग्लादेशियों को बेचीं, स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी में हुआ इस्तेमाल
उत्तर प्रदेश एटीएस ने कानपुर से एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने करीब चार लाख ईमेल आईडी बनाकर पाकिस्तानी और बांग्लादेशी लोगों को बेचीं। इन आईडी का इस्तेमाल स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने में किए जाने की आशंका है। एजेंसी नेटवर्क और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
विस्तार
फर्जी ईमेल आईडी बनाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत दूसरे देशों में बैठे लोगों को बेचने के आरोपी अंकित शंखवार को उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने गिरफ्तार किया है। कानपुर नगर निवासी 24 वर्षीय अंकित के लैपटॉप में करीब पांच लाख फर्जी ईमेल आईडी मिली हैं। इनमें से कुछ का इस्तेमाल नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम के स्कूलों और मुंबई के महापौर कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी देने में किया गया था।
एटीएस के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2021 से फर्जी ईमेल आईडी बनाने का काम कर रहा था। वह वाई-फाई और प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान से ईमेल आईडी बनाता था। इसके बाद फेसबुक के खरीद-बिक्री समूहों के जरिये इन्हें विदेश में बैठे लोगों को बेचता था। इसके बदले क्रिप्टो करेंसी में भुगतान लेता था।
बांग्लादेशी नागरिक को बेची थी आईडी
जांच में सामने आया कि 12 अक्तूबर को नोएडा के स्कूलों और अन्य स्थानों पर धमकी भरे ईमेल भेजने में इस्तेमाल हुई आईडी अंकित ने बांग्लादेशी नागरिक अलामीन इस्लाम को दी थी। वहीं, 23 अक्तूबर को मुंबई के महापौर कार्यालय को बम धमाके की धमकी देने में इस्तेमाल हुई दूसरी ईमेल आईडी भी उसके लैपटॉप में मिली। एटीएस के अनुसार, आरोपी को अलामीन से इसके बदले 6000 यूएसडीटी मिले थे। इसके साक्ष्य उसके मोबाइल में मौजूद हैं।
पासवर्ड और सुरक्षा संबंधी जानकारी भी भेजता था
एटीएस के मुताबिक, आरोपी ईमेल आईडी के साथ पासवर्ड, रिकवरी ईमेल और दो-स्तरीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी भी एक्सेल शीट में भेजता था। उसके मोबाइल में पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, मिस्र और अमेरिका समेत कई देशों के लोगों से संपर्क और बड़ी मात्रा में क्रिप्टो करेंसी के लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं।
एटीएस ने 28 अक्तूबर को आरोपी को कानपुर नगर से गिरफ्तार किया। उसके पास से एक मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद हुआ है। लखनऊ स्थित एटीएस थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस हिरासत में लेने की मांग की जा रही है, ताकि इस मामले में जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।