यूपी: अवध क्षेत्र में बाढ़ का कहर जारी, खतरे के निशान से ऊपर बह रही है सरयू, कई गांव पानी से घिरे, पलायन जारी
Flood in UP: नेपाल से सटे यूपी के कुछ जिलों में बाढ़ का कहर अभी बना हुआ। पानी का लेवल कुछ कम तो हुआ है लेकिन सरयू नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
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सरयू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरयू के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में मात्र तीन सेमी की कमी आई है। इसके बावजूद सरयू अभी भी लाल निशान से 56 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं सरयू के विकराल रूप के चलते दो तहसीलों की करीब आठ हजार की आबादी बाढ़ की विभीषिका झेलने को विवश है। बढ़ी संख्या में ग्रामीण तटबंधों पर मौसम की मार झेल कर दिन बिता रहे हैं।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार की शाम छह बजे सरयू का जलस्तर 93़.29 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो कि लाल निशान 92़.73 मीटर से 56 सेमी ऊपर है। वहीं पिछले 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। उधर तटवर्ती इलाकों में कटान का भी खतरा बढ़ गया है। अयोध्याधाम में आरती घाट बाढ़ में डूब गया है जबकि गुप्तार घाट की सीढि़या भी पानी में डूबी हुईं हैं। रामघाट हाल्ट स्टेशन के पीछे स्थित फटिक शिला आश्रम भी बाढ़ के पानी से घिर गया है।
वहीं सदर तहसील के पिपरी संग्राम, मडना माझा, काजी पुर माझा और रामपुर पुवारी माझा गांव पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। मुख्य मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन ठप हो गया है। मुडाडिह के ग्राम प्रधान प्रसाद यादव ने बताया कि प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर रहा है। पशुओं के लिए चारे का वितरण किया जा रहा है और राहत शिविरों में ग्रामीणों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने नावों के जरिए प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया है।
बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने मंगलवार को सदर तहसील के बाढ़ग्रस्त गांव मुडाडिहा ,पिपरी संग्राम, पूरे चेतन में जाकर पीड़ितों का हालचाल लिया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री देने के साथ ही हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान एसडीएम सदर विकास दुबे, शंभू नाथ सिंह दीपू, पूरा मंडल अध्यक्ष वरूण चौधरी ने बाढ़ पीडितों को रहत समग्री बाटने में सहयोग किया।
अपने ही गांव में बन गए शरणार्थी
मरौचा निवासी सरौधे ने बताया कि रविवार की शाम को सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता देख पहले किसी तरह रात में ही पशुओं को सुरक्षित स्थान तटबंध पर लेकर आ गए। जिन्हें तटबंध पर बांधकर घर पहुंचा तो देखा घर में काफी पानी भर गया। गृहस्थी का सामान छोड़ बच्चों को लेकर भागना पड़ा। बाढ़ आने से अपने ही गांव में शरणार्थी बन गये हैं।
आंख खुली तो घर में भर गया तीन फीट पानी
मरौचा निवासी राघवराम ने बताया कि परिवार के लोग भोजन करने के बाद सो गये मध्य रात में पानी इतना बढ़ गया कि खाट डूबने लगी। आंख खुली तो देखा घर में लगभग तीन फिट भरे पानी में कपड़े बर्तन तैर रहा है। अनाज गृहस्थी भी डूब गई। देखते ही नींद उड़ गयी। भोर होते ही सब कुछ छोड़कर नाव से तटबंध पहुंचे।
पानी देख रो रहे थे बच्चे
बाढ़ में फंसे छुट्टा जानवर
रुदौली तहसील क्षेत्र की सरयू नदी में हजारों की संख्या में छुट्टा जानवर फंसे हुये हैं। कई दिनों से भूखे प्यासे जानवर रात दिन बाढ़ के पानी में खड़े रहते हैं। इन जानवरों ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी। किसान अपनी फसल की रखवाली के लिए खेत में ही डेरा डाले हुए हैं। किसान अभी तक नील गायों से परेशान था। ग्रामीणों का कहना है कि देसी गायें उतना दूध भी नहीं देतीं जितने का चारा खाएंगी
लगातार रखी जा रही है नजर
बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ राहत चौकियों की स्थापना की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव सहायता पहुंचाई जा रही है। आवागमन के लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव लगाई गई है।- विकास दुबे, एसडीएम सदर