फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Five thousand Anganwadi workers and 60 thousand assistants will be recruited this year, announced CM Yogi.

UP: "इस साल पांच हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 60 हजार सहायिकाओं की होगी भर्ती", सीएम योगी ने की घोषणा

Mon, 30 Mar 2026 10:52 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Mon, 30 Mar 2026 10:52 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित किए। इस दौरान उन्होंने बड़ी घोषणा की।

विज्ञापन
UP: Five thousand Anganwadi workers and 60 thousand assistants will be recruited this year, announced CM Yogi.
कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

इस वर्ष पांच हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 60 हजार सहायिकाओं की भर्ती होगी। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 69804 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम में यह घोषणा की।

विज्ञापन


लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए। इसे जल्द ही सम्मानजनक किया जाएगा और पूरी व्यवस्था को तकनीक से जोड़कर पारदर्शी बनाया जाएगा। सीएम ने कहा कि अप्रैल से आउटसोर्स कर्मियों के लिए लागू की जा रही नई व्यवस्था लागू में न्यूनतम वेतन की गारंटी होगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी में हैरान करेगा मौसम: बारिश और ओलावृष्टि के साथ तापमान में होगी गिरावट, चेतावनी जारी की गई
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - बसपा ने चला चुनाव के पहले बड़ा सियासी दांव, आखिर क्यों उठी पश्चिमी यूपी को नया राज्य बनाने की मांग


मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्टफोन देने से अब रियल टाइम डाटा अपलोड होगा और राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की रैंकिंग बेहतर होगी। उन्होंने बताया कि 46 जिलों में 18440 नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में अन्य चयन प्रक्रियाएं जारी हैं। सीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन की डिजाइन का भी विमोचन किया।

18440 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपे नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम में सीएम ने 18440 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। 702 आंगनबाड़ी केंद्रों और 71 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का शिलान्यास तथा 2468 आंगनबाड़ी केंद्रों और 69 परियोजना कार्यालयों का लोकार्पण भी किया गया। इस दौरान ग्रोथ मानिटरिंग के लिए स्टेडियोमीटर, इन्फेंटोमीटर और वेट मशीन जैसे उपकरण भी वितरित किए गए।

बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और पोषण एक ही मंच पर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा संचालित की जा रही है। इसके तहत 27 हजार केंद्रों को आंगनबाड़ी व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिससे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और पोषण एक ही मंच पर सुनिश्चित होगा। सुपोषित भारत को देश के भविष्य की बुनियाद बताते हुए कहा कि यह अभियान सिर्फ पोषण नहीं, बल्कि सशक्त और साक्षर भारत की नींव तैयार करने का मिशन है। सीएम ने सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम में ये बातें कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता “यशोदा मैया” की भूमिका निभा रही हैं, जो देश के भविष्य को गढ़ने का काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 35 लाख बच्चों को प्रतिदिन पौष्टिक गर्म भोजन दिया जा रहा है और कुपोषण के खिलाफ बड़े स्तर पर सुधार हुआ है। पहले पोषाहार वितरण में माफियाओं का दखल था, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होती थी, जबकि अब पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे तकनीक का अधिकतम उपयोग करें और “स्मार्ट आंगनबाड़ी” के लक्ष्य को जमीन पर उतारें।

कुपोषण व बौनापन पहले से घटा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में चलाए गए अभियानों के तहत बड़े पैमाने पर सुधार हुआ है। लगभग 1.70 करोड़ बच्चों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई है। डेढ़ लाख कुपोषित बच्चों में से 80 प्रतिशत से अधिक को सुपोषित श्रेणी में लाया गया है। बौनापन दर 48 प्रतिशत से घटकर 37 प्रतिशत तक आ गई है।

कुपोषित माताओं के पोषाहार पर काबिज था शराब माफिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले पोषाहार वितरण पर उत्तर भारत का सबसे बड़े शराब माफिया ने कब्जा कर लिया था। तत्कालीन सरकार ने पैसा लेकर उसे ठेका दे रखा था। सरकार में आए तो मुझे जानकारी मिली कि शराब माफिया महिला एवं बाल विकास विभाग में भी घुसा हुआ था और वही विभाग चला रहा है। राशन भी वही तय करता था। कहीं पहुंचता था, कहीं नहीं। यह पाप कौन करता था? ये वही लोग हैं जो जाति के नाम पर समाज को बांटकर समाज की सुरक्षा में सेंध लगाते हैं और कुपोषित बच्चों व माताओं के पोषाहार पर डकैती डालते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed