UP: प्रदेश में फिर बढ़ा इंजीनियरिंग का क्रेज, पांच साल बाद खुले 5 नए इंजीनियरिंग कॉलेज; जानें वजह
उत्तर प्रदेश में इंजीनियरिंग शिक्षा का आकर्षण फिर बढ़ा है। लगभग पांच साल बाद AKTU से पांच नए इंजीनियरिंग कॉलेजों को संबद्धता मिली है। इनमें एआई, मशीन लर्निंग, कंप्यूटर साइंस और आईटी जैसी आधुनिक शाखाओं में पढ़ाई होगी। विशेषज्ञों के अनुसार छात्रों का रुझान फिर इंजीनियरिंग की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
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प्रदेश में कोविड के समय फार्मेसी संस्थानों की बहार आ गई थी। धीरे-धीरे अब यहां पर छात्रों का टोटा पड़ने लगा है। वहीं, लंबे समय बाद एक बार फिर से इंजीनियरिंग की तरफ छात्रों का रुझान बढ़ा है। लगभग पांच साल बाद डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से पांच नए इंजीनियरिंग संस्थानों ने संबद्धता ली है। नए सत्र में कुल 14 नए कॉलेजों ने संबद्धता ली है।
कोविड संकट से पहले प्रदेश में एकेटीयू से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या लगभग 450 थी। इसके बाद से शासन के कड़े निर्देश और फार्मेसी की बढ़ती मांग की वजह से नए इंजीनियरिंग कॉलेजों पर लगभग ब्रेक लग गया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर कुछ नए कॉलेजों को ही संबद्धता दी गई थी। किंतु हाल में विश्वविद्यालय की ओर से नए सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए संबद्धता फाइनल की गई है। इसके तहत पांच नए कॉलेजों ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराने की संबद्धता ली है।
इन कॉलेजों में एआई, कंप्यूटर साइंस व आईटी आदि ब्रांच की पढ़ाई होगी। इनको 180, 120, 90 व 60 सीटों पर प्रवेश की संबद्धता ली है। साथ ही इन कॉलेजों ने बीटेक के अलावा बीबीए, एमबीए, एमसीए व बीसीए कोर्स की भी मान्यता ली है। इसमें भी 120-120 सीट पर प्रवेश होंगे। संबद्धता लेने के साथ ही विश्वविद्यालय की ओर से शुरू की जा रही प्रवेश काउंसिलिंग में यह कॉलेज शामिल हो जाएंगे।
अत्याधुनिक क्षेत्र में शुरू करेंगे ब्रांच
बीटेक कोर्स की मान्यता लेने वाले कॉलेज अपने यहां अत्याधुनिक क्षेत्र में ब्रांच शुरू करेंगे। इसमें राम ईश कॉलेज एआई व डाटा साइंस, इलेक्ट्रानिक एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पढ़ाई कराएगा। ट्रिनिटी इंस्टीट्यूट कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विथ एआई एंड एमएल, डीटीसी कॉलेज कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विथ एआई एंड एमएल, एकेडमी ऑफ टेक्नोलॉजी कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विथ एआई एंड एमएल और कंप्यूटर साइंस एंड आईटी क्षेत्र की पढ़ाई कराएगा।
छात्रों की मांग फिर से तेजी पकड़ रही
एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि कई साल बाद इंजीनियरिंग में नए कॉलेजों ने संबद्धता ली है। कोविड के बाद के वर्षों की अपेक्षा हाल में फार्मेसी के प्रति छात्रों का रुझान कुछ कम हुआ है। वहीं इंजीनियरिंग में नई विधा के छात्रों की मांग फिर से तेजी पकड़ रही है। एआई, मशीन लर्निंग, कंप्यूटर साइंस आदि इसमें प्रमुख हैं।