फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP Election 2022: Sangh will take charge of Hindutva agenda, Sangh's ideological organizations took charge

UP Election 2022 : संघ संभालेगा हिंदुत्व के एजेंडे की कमान, संघ के वैचारिक संगठनों ने संभाला मोर्चा

Fri, 21 Jan 2022 01:24 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव सचिन मुदगल, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन मुदगल, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 21 Jan 2022 01:24 PM IST
विज्ञापन
सार
हिंदुत्व के एजेंडे को सिर्फ हिंदुओं की आस्था तक सीमित न रखकर उसे भगवान बुद्ध, भगवान महावीर सहित जैन धर्म के विभिन्न आस्थाओं के साथ सिख गुरुओं के सरोकारों तक विस्तार देकर चुनावी लड़ाई को 60 बनाम 40 बनाने की तैयारी की गई है।
loader
UP Election 2022: Sangh will take charge of Hindutva agenda, Sangh's ideological organizations took charge
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - फोटो : amar ujala

विस्तार

          
         				
प्रदेश में दलबदल एवं समाजवादी पार्टी की तरफ से चुनाव को पिछड़ा बनाम अगड़ा बनाने की कोशिश से चौकन्ने संघ परिवार ने भाजपा के हिंदुत्व के एजेंडे की कमान खुद संभालने का निश्चय कर लिया है। पिछले दिनों लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक शीर्ष पदाधिकारी की उपस्थिति में इस सिलसिले में पूरी कार्ययोजना भी बनाई जा चुकी है। कार्ययोजना के तहत अयोध्या से लेकर काशी तक हुए कामों का ब्योरा हर हिंदू परिवार तक पहुंचाया जाएगा। विपक्ष को घेरने के लिए छद्म हिंदुत्व और विपक्षी दलों की सरकारों में हिंदुत्व को कमजोर करने की क्या-क्या साजिशें हुईं, रणनीति के तहत उन्हें यह सब भी बताया जाएगा। इसके लिए एक विस्तृत पत्रक भी तैयार कराया जा रहा है। पत्रक में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में सनातन संस्कृति के सरोकारों से जुड़े स्थलों को सजाने-संवारने के लिए किए गए कामों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। खास बात है कि हिंदुत्व के एजेंडे को सिर्फ हिंदुओं की आस्था तक सीमित न रखकर उसे भगवान बुद्ध, भगवान महावीर सहित जैन धर्म के विभिन्न आस्थाओं के साथ सिख गुरुओं के सरोकारों तक विस्तार देकर चुनावी लड़ाई को 60 बनाम 40 बनाने की तैयारी की गई है। इसका खाका कुछ इस तरह से खींचा गया है ताकि जातीय गणित चुनावी नतीजों पर ज्यादा प्रभाव न डाल पाए। इसके लिए योगी सरकार बनने के बाद प्रदेश के थानों में फिर से जन्माष्टमी मनाने की शुरुआत से लेकर कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा, अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के निर्माण की शुरुआत एवं काशी में बाबा विश्वनाथ धाम के पुनर्निर्माण और कॉरिडोर के निर्माण तक का जिक्रकिया गया है।
राष्ट्रवाद के एजेंडे से भी धार संघ परिवार की तैयारी हिंदुत्व के साथ राष्ट्रवाद के एजेंडे पर भी विपक्ष को घेरने की है। इसके लिए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक, विदेशी फंडिंग रोकने के लिए कानून बनाने से लेकर अन्य बहुत सारे कामों को भाजपा के तरकश में सजाया जाएगा। साथ ही लोगों को दिलो-दिमाग में बैठाया जाएगा कि विपक्ष की चालों में फंसने का मतलब हिंदुत्व एवं राष्ट्रवाद के कामों पर विराम लगाने जैसा होगा। यह भी समझाने की योजना है कि थोड़ी सी लापरवाही हिंदुत्व के स्वाभिमान पर चोट एवं सुरक्षा को खतरे में डालना होगा। संघ के लिए इसलिए भी है महत्व आरएसएस 2024-25 में शताब्दी वर्ष मनाने जा रहा है। शताब्दी वर्ष में संघ ने देश के सबसे बड़े प्रदेश में ग्राम पंचायत तक संघ की शाखाओं का विस्तार करने सहित अन्य योजना बनाई है। देश में हिंदुओं की आस्था के प्रतीक अयोध्या, काशी, मथुरा सहित अन्य स्थानों से शताब्दी वर्ष का संदेश पूरी दुनिया में देने की योजना है। जानकारों का मानना है कि 2022 का परिणाम 2024 के लोकसभा चुनाव की भी दिशा तय करेगा। संघ का शताब्दी वर्ष भव्यता के साथ मनाया जाए, इसके लिए प्रदेश व देश में भाजपा की सरकार होना आवश्यक है। मनमुटाव छोड़ने की अपील आरएसएस के सर सह कार्यवाह अरुण कुमार पिछले दिनों लखनऊ आए थे। विश्व संवाद केंद्र में संघ के तमाम वैचारिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें चुनाव प्रचार का वे एजेंडा थमा गए। संघ ने साफ कर दिया है कि बिना किसी मनमुटाव के सभी संगठनों के लोग अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े लोगों के बीच सरकार की उपलब्धियां लेकर जाएंगे। विपक्षी दलों की ओर से फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के साथ राष्ट्रवाद को मजबूत करने के लिए लोगों से भाजपा को वोट करने की अपील भी करेंगे।
वैचारिक संगठन हुए सक्रिय आरएसएस के वैचारिक संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच, सेवा भारती, विद्या भारती, वनवासी कल्याण, शैक्षिक महासंघ, सहकार भारती, भारतीय किसान संघ, स्वदेशी जागरण मंच, दुर्गा वाहिनी, राष्ट्र सेविका समिति को बूथ स्तर तक सक्रिय कर दिया गया है। दलित वर्ग को साधने के लिए समन्वयक बनाए गए हैं, जो दलित बस्तियों में जा रहे हैं। वहीं एबीवीपी की ओर से भी युवाओं के बीच अभियान चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed