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यूपी: प्रदेश में आठ लाख महिलाएं बनेंगी संपत्ति की मालकिन, एक साल में चार लाख करोड़ की संपत्ति होगी उनके नाम

Sun, 11 May 2025 08:55 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 11 May 2025 08:55 AM IST
सार

Exemption to women in stamp duty: महिलाओं को एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने में एक फीसदी अतिरिक्त स्टांप शुल्क छूट की वजह से प्रदेश की आठ लाख महिलाएं संपत्ति की मालकिन बनने जा रही हैं। 

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UP: Eight lakh women will become property owners in the state, they will have property worth four lakh crores
यूपी की महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में छूट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं को एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने में एक फीसदी अतिरिक्त स्टांप शुल्क में छूट देने को कहा है। इसका लाभ कम से कम 8 लाख महिलाओं को मिलेगा। एक करोड़ रुपये तक की रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क में एक फीसदी छूट का फैसला प्रभावी होने के बाद महिलाओं के नाम संपत्ति का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। अनुमान है कि एक वर्ष में करीब 4 लाख करोड़ की संपत्ति महिलाओं के नाम दर्ज होंगी। प्रदेश में पारिवारिक संपत्ति में महिलाओं को समान अधिकार देने वाले नियमों से पिछले तीन वर्षों में करीब 3.50 लाख संपत्तियां बहन-बेटियों के नाम की गई हैं। राज्य सरकार की इस पहल से महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा और स्वायत्तता बढ़ी है। स्टांप एवं पंजीयन विभाग ने रक्त संबंध में संपत्ति दान करने के लिए सिर्फ 5000 की फीस तय की थी। इससे पारिवारिक संपत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी व उनके अधिकार के लिए राज्य में बनाए गए नियमों ने उन्हें सही मायने में मालकिन बना दिया। इस फैसले का ही असर है कि महज तीन वर्ष में लगभग 3.50 लाख संपत्तियों पर बेटियों और बहनों का हक पिता व भाइयों ने उनके नाम कर दिया। वहीं, 2022 से पहले करीब 60 हजार की संपत्तियों पर महिलाओं को विधिक अधिकार मिल पाता था।

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एक साल में 28 लाख राजस्व मामलों का निस्तारण

पिछले एक साल में उत्तर प्रदेश में उप जिलाधिकारी और तहसीलदार स्तर पर करीब 28 लाख राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया है। राजस्व विभाग में लंबित मामलों को गंभीरता से लिया गया और उन्हें समयबद्ध तरीके से निपटाया गया। इसका परिणाम यह है कि जनता को जमीन से जुड़े विवादों में त्वरित न्याय मिल रहा है।

पिछले एक वर्ष में 24 लाख से अधिक नामांतरण के मामलों का निस्तारण किया गया। इसके साथ ही जमीन के मालिकाना हक से जुड़े मामलों का तेजी से समाधान किया गया। जिससे जनता को बड़ी राहत मिली है। कुल 30 लाख मामले उपजिलाधिकारी और तहसीलदार स्तर पर निस्तारित कराए गए हैं।

तेजी से निपटाई गईं जनता से जुड़ी समस्याएं
इस दौरान डेढ़ लाख से ज्यादा पैमाइश के मामले निपटाए गए हैं। इसके अंतर्गत जमीन की माप-जोख से जुड़े विवाद सुलझाए गए, जिससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को बड़ी राहत मिली। वहीं, 80 हजार बेदखली और 95 हजार अकृषक उपयोग के मामलों का भी समाधान किया गया है। इसके अलावा बंटवारे से संबंधित करीब डेढ़ लाख मामलों का निस्तारण किया गया है।
 

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