Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Draft of privatization of electricity may fall through, demand for fresh investigation of the entire propo

यूपी: खटाई में पड़ सकता है बिजली के निजीकरण का मसौदा, पूरे प्रस्ताव की नए सिरे से जांच कराने की मांग

Wed, 18 Jun 2025 07:16 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 18 Jun 2025 07:16 PM IST
सार

Privatization of electricity in UP: यूपी में बिजली के निजीकरण का मुद्दा खटाई में पड़ सकता है। उपभोक्ता परिषद ने कहा है इस पूरे प्रस्ताव की नए सिरे से जांच की आवश्यकता है।

विज्ञापन
UP: Draft of privatization of electricity may fall through, demand for fresh investigation of the entire propo
यूपी में बिजली व्यवस्था। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बुधवार को नियामक आयोग में लोक महत्व प्रस्ताव दाखिल करके निजीकरण के मसौदे को घोटाला करार दिया। पूरे मामले में नए सिरे से जांच कराने की मांग की है।

विज्ञापन


दाखिल प्रस्ताव में कहा कि मसौदे में दक्षिणांचल और पूर्वांचल के 42 जिलों के निजीकरण के मसौदे पर विद्युत नियामक आयोग से सलाह मांगने की बात कही गई है। जबकि असंवैधानिक रूप से नियुक्त ग्रांट थॉर्नटन की भूमिका संदिग्ध है। आयोग को तत्काल इसे खारिज कर देना चाहिए। उपभोक्ता परिषद में आयोग से मांग की कि पूरे मसौदे को सार्वजनिक किया जाए।
विज्ञापन


क्योंकि आयोग ने स्वत: बकाया वसूली, वितरण हानि का अनुमोदन टैरिफ प्रस्ताव में दिया है। आरडीएसएस का अनुमोदन देते समय कई मानक बनाए गए। इस मसौदे में यह कैसे लिखा जा सकता है कि दक्षिणांचल व पूर्वाचल के विद्युत उपभोक्ताओं पर जो कुल लगभग 65909 करोड़ बकाया है। उसमें से 30 से 40 फीसदी बकाया वसूलना बाध्यकारी होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मसौदे में यह भी कहा गया है कि आरडीएसएस स्कीम में खर्च होने वाले दोनों बिजली कंपनियां पर लगभग 20000 करोड़ को लोन में कन्वर्ट कर दिया जाए। निश्चित तौर पर इसकी अदायगी पावर कॉरपोरेशन करेगा, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ेगा। बिजली कंपनियों की इक्विटी को ज्यादातर लॉन्ग टर्म लोन में बदल दिया गया है। तीन साल तक देश के निजी घरानों को उसका भुगतान भी नहीं करना पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed