पुलिस कार्यशैली की जमीनी हकीकत देखने निकले डीजीपी के 'दूत'
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फील्ड में तैनात पुलिस अफसरों की कार्यशैली और जनमानस में पुलिस को छवि की जमीनी हकीकत जानने के लिए डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने लगभग आधा दर्जन आईपीएस अधिकारियों को अलग अलग जिलों के लिए रवाना किया है। यह अफसर अलग अलग जिलों में बिना अपना परिचय दिए आम लोगों से फीडबैक लेंगे और लौटकर अपनी रिपोर्ट डीजीपी को सौंपेंगे।
सूत्रों की मानें तो पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान फील्ड अफसरों को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद डीजीपी ने लखनऊ में तैनात अपने विश्वस्त अधिकारियों को बुलाकर जिलों की स्थिति जानने के लिए फील्ड में जाने को कहा। कुछ अधिकारियों को धन उगाही के लिए बदनाम जिलों में भेजा गया तो कुछ अधिकारियों को त्यौहारों के मद्देनजर संवेदनशील जिलों में।
जिन अधिकारियों को भेजा गया है उसमें एसपी रैंक से लेकर एडीजी रैंक तक के अफसर शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि एक एडीजी रैंक के अफसर को गोरखपुर भेजा गया है जबकि आईजी रैंक के अफसर को मिर्जापुर और सोनभद्र जिले का हाल जानने के लिए भेजा है। जब आईजी रैंक के एक अधिकारी को फर्रुखाबाद, एडीजी रैंक के अफसर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और एसपी रैंक के कुछ अफसरों को बुंदेलखंड भेजा है।
फेरबदल में रहेगी इस रिपोर्ट की अहम भूमिका
सूत्रों का कहना है कि त्यौहारों के बीतने के बाद पुलिस महकमे में बड़े फेरबदल के आसार हैं। ऐसे में इन जिलों का भेजे गए अधिकारियों द्वारा दिया गया फीडबैक काफी मायने रखेगा। किस जिले में किस अधिकारी को भेजा गया है, इसका खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है। इस बारे में पूछे जाने पर डीजीपी ने स्वीकार किया कि हां कुछ अधिकारियों को अलग अलग जिलों में वहां अपराध की स्थिति और अधिकारियों की आम जन में शोहरत व अन्य पैमानों पर परखने के लिए भेजा गया है। डीजीपी के इस कदम से जिलों में तैनात अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है।