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UP: दिल्ली की तर्ज पर बनेंगे डिटेंशन सेंटर, बांग्लादेशी-रोहिंग्या के साथ अफ्रीकी भी संदेह के दायरे में

Tue, 25 Nov 2025 08:16 PM IST
रोहित मिश्र अशोक मिश्र, अमर उजाला ब्यूरो
अशोक मिश्र, अमर उजाला ब्यूरो Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 25 Nov 2025 08:16 PM IST
सार

Detention centers in UP: यूपी में अवैध घुसपैठ को देखते हुए दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश में डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे। सीएम योगी के निर्देश के बाद यह कार्यवाही शुरू होगी। 

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UP: Detention centers to be built in the state on the lines of Delhi; Bangladeshi-Rohingyas and Africans also
यूपी में बनेंगे डिटेंशन सेंटर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रदेश से विदेशी घुसपैठियों को बाहर करने के लिए दिल्ली की तर्ज पर जिलों में डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद कई जिलों में घुसपैठियों को चिन्हित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। उनको वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी होने तक डिटेंशन सेंटर में रखने के लिए जगह तलाशी जा रही हैं। शासन के निर्देश पर जिलों में खाली सरकारी इमारतों, सामुदायिक केंद्र, पुलिस लाइन, थाने आदि चिन्हित किए जा रहे हैं, जहां घुसपैठियों को कड़ी सुरक्षा में रखा जा सके।

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बता दें कि दिल्ली में करीब 18 डिटेंशन सेंटर चल रहे हैं, जिनमें तकरीबन 1500 विदेशी नागरिकों को कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त में रखा गया है। इनमें अवैध रूप से सीमा पार करके आए बांग्लादेशी, रोहिंग्या और अफ्रीकी मूल के देशों के नागरिक हैं। बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों द्वारा भारतीय नागरिकता के दस्तावेज बनवा लेने की वजह से उनका सत्यापन कराया जा रहा है। डिटेंशन सेंटरों पर खाने-पीने, इलाज की सुविधा भी मुहैया कराई जाती है। सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम भी रहता है। तत्पश्चात एफआरआरओ (फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस) के जरिए उनको वापस भेजने की प्रक्रिया की जाती है। तमाम राज्यों में पकड़े गए घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल और असम में बीएसएफ की मदद से वापस भेजा जाता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी मानक संचालन प्रक्रिया भी सभी राज्यों को भेजी है, जिसके बाद अब यूपी में भी अन्य राज्यों की तरह डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे। इनके प्रबंधन और सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस की होगी। इसके अलावा पकड़े गए घुसपैठियों की जानकारी गृह विभाग को रोजाना देनी होगी।

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एनसीआर में ज्यादा अफ्रीकन

UP: Detention centers to be built in the state on the lines of Delhi; Bangladeshi-Rohingyas and Africans also
प्रदेश में लगातार बढ़ी हैं घुसपैठ की घटनाएं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिलों में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए खासी संख्या में हैं। इसके अलावा एनसीआर के जिलों खासकर नोएडा और गाजियाबाद में अफ्रीकी मूल के देशों से अवैध तरीके से आए नागरिक मौजूद हैं। इनमें से तमाम मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर क्राइम में लिप्त हैं। इसी वजह से इस बार ऐसे घुसपैठियों की धरपकड़ कर वापस भेजा जाएगा।

क्या होते हैं डिटेंशन सेंटर

इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता रखने वाले भारत में घुसे अवैध व्यक्तियों को रखा जाता है। आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाती है। डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत बाद में उनके मूल देश में भेज दिया जाता है।

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