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Monkeypox: मंकीपॉक्स से निपटने को तैयार है यूपी का स्वास्थ्य विभाग, विदेश से आने वालों की होगी स्क्रीनिंग
Tue, 31 May 2022 03:21 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 31 May 2022 03:21 PM IST
सार
यूपी के उप-मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि हम मंकीपॉक्स से निपटने के लिए तैयार हैं। प्रदेश में इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। प्रभावित देशों से यूपी आए लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
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उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग हर आपदा से निपटने के लिए तैयार है। कोरोना पूरी तरह से नियंत्रित है। टीकाकरण के मामले में प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है। कुछ देशों में मंकीपॉक्स की बीमारी फैली है। इससे निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 32 करोड़ से अधिक को टीके की डोज दी जा चुकी है, जिसमें 17 करोड़ को पहली डोज और 14 करोड़ को दूसरी डोज दी जा चुकी है। मंकीपॉक्स से प्रभावित देशों से 21 दिनों के भीतर यूपी आए लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
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अगर वे मंकीपॉक्स से संक्रमित किसी मरीज के संपर्क में आए हैं और उनमें इस रोग के लक्षण हैं तो उन्हें तत्काल आइसोलेट किया जाएगा। ऐसे लोगों के सैंपल जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआइवी) पुणे भेजे जाएंगे। संचारी रोग विभाग ने इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है। प्रदेश के सभी एयरपोर्ट पर सतर्कता बढ़ा दी गई है और निगरानी कमेटियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
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मंकीपॉक्स एक वायरल जूनेटिक बीमारी : डॉ वेदब्रत
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. वेदब्रत सिंह ने बताया कि मंकीपॉक्स एक वायरल जूनेटिक बीमारी है। संक्रमित व्यक्ति को बुखार के साथ शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं। मंकीपॉक्स जानवरों से मानव में अथवा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। यह वायरस कटी-फटी त्वचा, सांस नली या म्यूकोसा (आंख, नाक या मुंह) के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। ऐसे में मास्क का प्रयोग कोविड के साथ मंकीपॉक्स से भी बचा रहा है।