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यूपी: प्रदेश में प्रीपेड बिजली मीटर पर रोक लगाने की मांग, साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट पास किए बिना न लगाए जाएं

Sun, 29 Dec 2024 11:13 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 29 Dec 2024 11:13 PM IST
सार

Electricity system in UP: यूपी में उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश भर में लग रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने की मांग की है। परिषद की मांग है कि साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट पास किए बिना कोई भी मीटर न लगाया जाए।

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UP: Demand to ban prepaid electricity meters in the state, Council said - they should not be installed withou
स्मार्ट बिजली मीटर।

विस्तार

उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश भर में लग रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने की मांग की है। परिषद की मांग है कि पहले केंद्र सरकार के नियमानुसार अब तक लगे मीटरों का पांच प्रतिशत चेक मीटर लगाया जाए। साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट पास किए बिना कोई भी मीटर न लगाया जाए।

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प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों में लगभग 5 लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के घर पर लगाए जा चुके हैं । मॉडल स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट की धारा 9.6.1 के तहत 5 प्रतिसत अथवा 25000 जो पहले हो स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग जाने के बाद साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट (एसएटी) पास करना अनिवार्य होगा। एसएटी टेस्ट के पहले फील्ड इंस्टॉलेशन एंड इंटीग्रेशन टेस्ट (एफ0आई0आई0टी) पास करना अनिवार्य है। 
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उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने रविवार को बिडिंग डॉक्यूमेंट में दिए गए प्रावधान की जानकारी पावर कारपोरेशन के निदेशक वाणिज्य निधि नारंग को दी । तत्काल बिना एसएटी टेस्ट पास किए स्मार्ट प्रीपेड मीटर को उपभोक्ताओं के परिसर पर लगाए जाने पर रोक लगाने की मांग उठाई । निदेशक वाणिज्य ने आश्वासन दिया है कि मामले को गंभीरता से दिखाया जा रहा है।
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एक जनवरी को काला दिवस मनाएंगे बिजली अभियंता
 निजीकरण के विरोध में बिजली अभियंता आरपार की लड़ाई का एलान कर चुके हैं। झांसी में रविवार को हुई बिजली पंचायत में हर स्तर पर संघर्ष की घोषणा की गई। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों शैलेंद्र दुबे, जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, पीके दीक्षित, दीपक चक्रवर्ती, सरजू त्रिवेदी आदि ने कहा कि निजीकरण के विरोध में एक जनवरी को बिजली कर्मी पूरे दिन काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाएंगे।


बिजली पंचायत में उरई, महोबा, ललितपुर और झांसी के बिजली कर्मियों और अभियंताओं की भीड़ उमड़ी। इसमें संविदाकर्मी भी शामिल हुए। पंचायत में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि उनका सीएम योगी आदित्यनाथ पर पूरा विश्वास है। बिजली कर्मी लगातार सुधार में लगे हैं। वर्ष 2016-17 में 41 प्रतिशत हानियां थीं जो वर्ष 2023-24 में घटकर 17 फीसदी रह गईं। बिजली कर्मी अगले एक दो वर्ष में लाइन हानियों को 15 प्रतिशत से नीचे लाने के लिए संकल्पबद्ध हैं, लेकिन पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने अचानक निजीकरण की घोषणा कर कार्य का अच्छा वातावरण बिगाड़ दिया है।

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