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यूपी : घटती गई जांचें और बढ़ते गए मरीज, 8 मार्च को सिर्फ 83749 नमूनों की हुई जांच
Wed, 10 Mar 2021 10:01 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 10 Mar 2021 10:01 PM IST
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यूपी में मरीज तो बढ़ रहे हैं लेकिन कोरोना जांच की संख्या कम होती जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि प्रदेश में 1.25 लाख से 1.50 लाख नमूनों की रोजाना जांच हो। लेकिन स्वास्थ्य विभाग बीते 10 दिन में सिर्फ एक बार ही 1.25 लाख नमूनों की जांच कर पाया है। स्थिति ये है कि 8 मार्च को सिर्फ 83749 नमूनों की जांच ही गई।
कोरोना संक्रमण से जूझ रहे प्रदेश में एक समय था कि प्रतिदिन 1.50 लाख से 1.75 लाख जांच हो रही थी। जैसे-जैसे संक्रमण कम होता गया, स्वास्थ्य विभाग में जांच की संख्या में भी कमी आती गई। स्थिति यह आ गई है कि मुख्यमंत्री के दिए लक्ष्य को भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पूरा नहीं कर पा रहे। देश के पांच राज्यों में फिर संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि वहां से आने वाले लोग उत्तर प्रदेश में भी संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसके बावजूद जांच की संख्या को स्वास्थ्य विभाग बढ़ा नहीं रहा है।
इसी माह 1 से 10 मार्च के बीज जांच का आंकड़ा देखें तो लापरवाही सामने आ रही है। 1 मार्च को 108661, 2 मार्च को 109870, 3 मार्च को 125550, 4 मार्च को 118567 और 5 मार्च को 118923 नमूनों की जांच की गई। इस दौरान मरीजों की संख्या 87 से 128 पर पहुंच गई। यानी की जांच की संख्या घटी लेकिन मरीज बढ़ रहे हैं। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. डीएस नेगी का कहना है कि सभी जांच केंद्रों को पूरी क्षमता से लोगों के नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी जांच के लिए आ रहा है, उसका नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है।
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नमूने लेने का समय हुआ कम
प्रदेश में कोरोना संदिग्ध मरीजों के नमूने लेने के लिए बने केंद्रों पर लापरवाही बरती जा रही है। हर केंद्र पर एक दिन में मात्र दो-दो घंटे के दो सत्र में ही नमूने लिए जा रहे हैं। इसके चलते भी प्रतिदिन होने वाली जांच की संख्या में कमी आई है। जांच केंद्र व अस्पताल के प्रभारियों ने अपने स्तर से यह व्यवस्था की है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पहले सामान्य मरीजों को भी अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाने के लिए कोरोना रिपोर्ट की जरूरत होती थी। अब यह व्यवस्था लगभग खत्म हो गई है। इसके चलते भी जांच का आंकड़ा कुछ कम हुआ है।
बीते पांच दिन में जांच और संक्रमण का हाल
तारीख केस नमूने जांचे गए
10 मार्च 128 105087
9 मार्च 151 100663
8 मार्च 103 83749
7 मार्च 117 108486
6 मार्च 131 109082
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कोरोना संक्रमण से जूझ रहे प्रदेश में एक समय था कि प्रतिदिन 1.50 लाख से 1.75 लाख जांच हो रही थी। जैसे-जैसे संक्रमण कम होता गया, स्वास्थ्य विभाग में जांच की संख्या में भी कमी आती गई। स्थिति यह आ गई है कि मुख्यमंत्री के दिए लक्ष्य को भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पूरा नहीं कर पा रहे। देश के पांच राज्यों में फिर संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि वहां से आने वाले लोग उत्तर प्रदेश में भी संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसके बावजूद जांच की संख्या को स्वास्थ्य विभाग बढ़ा नहीं रहा है।
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इसी माह 1 से 10 मार्च के बीज जांच का आंकड़ा देखें तो लापरवाही सामने आ रही है। 1 मार्च को 108661, 2 मार्च को 109870, 3 मार्च को 125550, 4 मार्च को 118567 और 5 मार्च को 118923 नमूनों की जांच की गई। इस दौरान मरीजों की संख्या 87 से 128 पर पहुंच गई। यानी की जांच की संख्या घटी लेकिन मरीज बढ़ रहे हैं। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. डीएस नेगी का कहना है कि सभी जांच केंद्रों को पूरी क्षमता से लोगों के नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी जांच के लिए आ रहा है, उसका नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है।
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नमूने लेने का समय हुआ कम
प्रदेश में कोरोना संदिग्ध मरीजों के नमूने लेने के लिए बने केंद्रों पर लापरवाही बरती जा रही है। हर केंद्र पर एक दिन में मात्र दो-दो घंटे के दो सत्र में ही नमूने लिए जा रहे हैं। इसके चलते भी प्रतिदिन होने वाली जांच की संख्या में कमी आई है। जांच केंद्र व अस्पताल के प्रभारियों ने अपने स्तर से यह व्यवस्था की है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पहले सामान्य मरीजों को भी अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाने के लिए कोरोना रिपोर्ट की जरूरत होती थी। अब यह व्यवस्था लगभग खत्म हो गई है। इसके चलते भी जांच का आंकड़ा कुछ कम हुआ है।
बीते पांच दिन में जांच और संक्रमण का हाल
तारीख केस नमूने जांचे गए
10 मार्च 128 105087
9 मार्च 151 100663
8 मार्च 103 83749
7 मार्च 117 108486
6 मार्च 131 109082