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यूपी : लगातार बारिश के आगे सब बे-बस, पांच की मौत, 52 गांवों में खतरा
Fri, 27 Sep 2019 12:09 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 27 Sep 2019 12:09 PM IST
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बारिश
- फोटो : amar ujala
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दो दिन से लगातार हो रही बारिश से लोगों की जान पर आ गई है। बाराबंकी में जहां दीवार व मकान गिरने से छात्र व महिला की जान चली गई। वहीं रायबरेली में भी दीवार गिरने से दो की मौत हो गई। वहीं अंबेडकरनगर में एक जान चली गई। इस बीच मौसम विभाग के अलर्ट के बाद कई जिलों में इंटर तक के स्कूल शुक्रवार के लिए बंद कर दिए गये हैं। सीतापुर में तटबंध टूटने से 52 गांवों पर खतरा मंडराने लगा है।
अवध में बुधवार रात शुरू हुआ बारिश का दौर गुरुवार को पूरे दिन जारी रहा। इसके चलते गांवों में कच्चे मकान ढहने की कई घटनाएं सामने आयीं। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के वदीपुर मजरे इस्माइलपुर निवासी मोबीन का आठ वर्षीय का बेटा उमेर स्कूल से लौटा ही था कि उसके ऊपर घर की छत और दीवार ढह गई। मलबे में दबने से घायल उमेर को परिवारीजन एक निजी अस्पातल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं जैदपुर थाना क्षेत्र में परसोला गांव निवासी वृद्धा बृजरानी पत्नी सुरेश की छत गिरने से उसके मलबे के नीचे दबकर मौत हो गई। उधर रायबरेली में के गदागंज थाना क्षेत्र के पूरे ककोरन गांव निवासी शाहिद अली की कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई। जिसके मलबे में दबकर शाहिद की बेटी बीना (3) की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी समीमुननिशा (35) घायल हो गई।
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अवध में बुधवार रात शुरू हुआ बारिश का दौर गुरुवार को पूरे दिन जारी रहा। इसके चलते गांवों में कच्चे मकान ढहने की कई घटनाएं सामने आयीं। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के वदीपुर मजरे इस्माइलपुर निवासी मोबीन का आठ वर्षीय का बेटा उमेर स्कूल से लौटा ही था कि उसके ऊपर घर की छत और दीवार ढह गई। मलबे में दबने से घायल उमेर को परिवारीजन एक निजी अस्पातल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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वहीं जैदपुर थाना क्षेत्र में परसोला गांव निवासी वृद्धा बृजरानी पत्नी सुरेश की छत गिरने से उसके मलबे के नीचे दबकर मौत हो गई। उधर रायबरेली में के गदागंज थाना क्षेत्र के पूरे ककोरन गांव निवासी शाहिद अली की कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई। जिसके मलबे में दबकर शाहिद की बेटी बीना (3) की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी समीमुननिशा (35) घायल हो गई।
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अमेठी जिले के फुरसतगंज थाना क्षेत्र के पूरे नंदा मजरे सबरहदा गांव में पक्के मकान की छत ढह गई। जिसके मलबे में दबकर कृष्ण बहादुर सिंह (65) की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी विद्या सिंह (62), बेटा राघवेंद्र (30) घायल हो गये। वहीं अंबेडकरनगर के भीटी इलाके में दीवार ढहने से 45 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई। वहीं सीतापुर के रामपुर मथुरा में में बाढ़ से गांवों को बचाने के लिए दो साल पहले बनाया गया तटबंध घाघरा में समा गया।
बांध कटने से घाघरा के किनारे बसे गांवों में हड़कंप है। सतह से पानी डेढ़ फीट नीचे होने से पानी अभी गांव में नहीं पहुंचा है लेकिन कटान जारी होने से ग्रामीण दहशत में हैं। दशरथपुरवा गांव में लोगों ने गृहस्थी समेटकर पलायन शुरू कर दिया है। बांध कटने से क्षेत्र के करीब 52 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
घाघरा उफनाई तो इन गांवों की लगभग 25 हजार आबादी प्रभावित होगी। इस बीच तेज हवा के साथ दिनभर हुई बारिश से गुरुवार को लगभग सभी शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। शहर में कई कार्यालयों समेत आवासों में पानी घुस गया।
सुबह से शुरू हुई बारिश का असर रहा कि स्कूल, दफ्तर, अस्पताल आदि में लोगों की उपस्थिति बेहद कम रही। इस बीच सुल्तानपुर में बारिश के दौरान जयसिंहपुर के प्राथमिक विद्यालय बरौंसा की छत ढह गई जबकि अन्य दीवारों में दरार आ गई। हादसे के समय बच्चे दूसरे कमरे में होने से बाल-बाल बच गये। वहीं, जिले के अलग-अलग स्थानों पर 32 मकान ढहने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है।
बांध कटने से घाघरा के किनारे बसे गांवों में हड़कंप है। सतह से पानी डेढ़ फीट नीचे होने से पानी अभी गांव में नहीं पहुंचा है लेकिन कटान जारी होने से ग्रामीण दहशत में हैं। दशरथपुरवा गांव में लोगों ने गृहस्थी समेटकर पलायन शुरू कर दिया है। बांध कटने से क्षेत्र के करीब 52 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
घाघरा उफनाई तो इन गांवों की लगभग 25 हजार आबादी प्रभावित होगी। इस बीच तेज हवा के साथ दिनभर हुई बारिश से गुरुवार को लगभग सभी शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। शहर में कई कार्यालयों समेत आवासों में पानी घुस गया।
सुबह से शुरू हुई बारिश का असर रहा कि स्कूल, दफ्तर, अस्पताल आदि में लोगों की उपस्थिति बेहद कम रही। इस बीच सुल्तानपुर में बारिश के दौरान जयसिंहपुर के प्राथमिक विद्यालय बरौंसा की छत ढह गई जबकि अन्य दीवारों में दरार आ गई। हादसे के समय बच्चे दूसरे कमरे में होने से बाल-बाल बच गये। वहीं, जिले के अलग-अलग स्थानों पर 32 मकान ढहने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है।
सीतापुर में नाव पर सवार आठ लोग जलकुंभी में फंसे
सीतापुर में नाव के सहारे आठ लोग अज्जेपुर झील पार कर रहे थे। तभी नाव जलकुंभी में फंसकर झील में रुक गई। पुलिस ने छह घंटे के बाद नाव पर सवार सभी लोगों को झील से बाहर निकाला। रेउसा इलाके के सालपुर गांव के यह लोग नाव पर सवार होकर चारा लेने घाघरा नदी के उस पार जा रहे थे।
इस बीच जब नाव झील में पहुंची तो जलकुंभी में फंस गई। थानाध्यक्ष नोवेंद्र सिंह समेत पुलिसकर्मी लाइफ जैकेट पहनकर झील में उतरे। करीब छह घंटे के बाद रस्सा डालकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
इस बीच जब नाव झील में पहुंची तो जलकुंभी में फंस गई। थानाध्यक्ष नोवेंद्र सिंह समेत पुलिसकर्मी लाइफ जैकेट पहनकर झील में उतरे। करीब छह घंटे के बाद रस्सा डालकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।