{"_id":"66c6002eea9b642c690e87f6","slug":"up-constable-recruitment-exam-centers-have-not-been-made-in-these-eight-districts-monitoring-will-be-done-at-2024-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा: इन आठ जिलों में नहीं बनाए गए सेंटर, चप्पे-चप्पे पर रहेगी निगरानी, दिए गए ये निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा: इन आठ जिलों में नहीं बनाए गए सेंटर, चप्पे-चप्पे पर रहेगी निगरानी, दिए गए ये निर्देश
Wed, 21 Aug 2024 08:28 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 21 Aug 2024 08:28 PM IST
सार
UP Constable Recruitment Exam: यूपी में 60 हजार सिपाही भर्ती परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिए सरकार खास तौर पर अलर्ट है। जिन आठ जिलों में सेंटर नहीं बनाए गए हैं, वहां भी सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए हैं।
विज्ञापन
UP Police Constable Recruitment 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूपी पुलिस के इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा को सकुशल आयोजित कराने के लिए पुलिस ने भी कमर कस ली है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने इस बाबत मातहतों को अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें चप्पे-चप्पे की निगरानी करने के साथ संदिग्धों को चिन्हित करने को भी कहा गया है। पुलिस की सतर्कता का आलम यह है कि जिन 8 जिलों में कोई परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है, वहां भी सुरक्षा बंदोबस्त मजबूत रखने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
डीजीपी ने बुधवार को सिपाही सीधी भर्ती की परीक्षा के सफल आयोजन के लिए जारी निर्देशों में कहा कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत परीक्षा केंद्रों के आसपास सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील करा लिया जाए। नये सीसीटीवी कैमरे भी पर्याप्त संख्या में लगाए जाएं। चिन्हित हॉट-स्पॉट्स की ड्रोन से चेकिंग कराई जाए। परीक्षा केंद्रों का प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा स्थलीय भ्रमण करके संभावित भीड़ तथा अपेक्षित संसाधनों का आकलन करने के साथ समुचित प्रबंध किए जाएं।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग, परीक्षा केंद्रों के प्रबंधकों तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सतर्कता, तत्परता तथा संचरण योजना एवं कंटिनजेंसी प्लान के लिए कार्ययोजना के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। परीक्षा के दो दिन पूर्व से लेकर परीक्षा समाप्ति के पश्चात अभ्यर्थियों व अभिभावकों के जिले से प्रस्थान तक की स्थिति का समुचित आकलन कर प्रभावी पुलिस प्रबंध किए जाएं। परीक्षा केंद्रों तथा रेलवे मेट्रो स्टेशन एवं बस, टैक्सी स्टैंड, होटल एवं रेस्टोरेंट पर भीड़ प्रबंधन के लिए भी कार्ययोजना बनायी जाए।
विज्ञापन
केंद्रों के संचालकों, प्रबंधकों व अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों से पूर्व से वार्ता कर सतर्क दृष्टि रखी जाए। राजपत्रित अधिकारियों एवं मजिस्ट्रेट की संयुक्त रूप से ड्यूटी लगाई जाए। पुलिस बल की अधिक से अधिक विजिबिलिटी सुनिश्चित की जाए। जिन थाना क्षेत्रों में परीक्षा केंद्र हैं, वहां यूपी-112 पीआरवी के वाहनों को तैनात किया जाए। केंद्रों के आसपास के महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों को भी चिन्हित कर लिया जाए। परीक्षा के दृष्टिगत असामाजिक तत्वों का चिन्हीकरण करते हुए अभिसूचना विभाग, एसटीएफ तथा जिलों की पुलिस द्वारा परस्पर उच्च स्तरीय समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।
ये निर्देश भी दिए
- परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग तथा परीक्षा परिसर में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रानिक गैजेट्स एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री ले जाने के संबंध में गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
- परीक्षा केंद्रों के प्रवेश स्थलों पर अभ्यर्थियों की तलाशी में सहयोग हेतु पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मी (महिला एवं पुरुष) तैनात किये जाए।
- परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटो कापी मशीन की दुकानों एवं साइबर कैफे, मोटरसाइकिल स्टैंड आदि की प्रभावी चेकिंग की जाए।
- प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों तक एवं उत्तर पुस्तिकाओं को कोषागार तक पहुंचाने के लिए नोडल अधिकारी एवं पर्यवेक्षकों द्वारा पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
- सोशल मीडिया सेल व एलआईयू को और अधिक सक्रिय व सतर्क रखा जाए। परीक्षा से संबंधित अफवाहों व अन्य पोस्ट का तत्काल संज्ञान लेकर कार्यवाही करें।
- अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के आवागमन के दृष्टिगत रेलवे, परिवहन निगम के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक प्रभावी कार्यवाही की जाए।
- जिलों, कमिश्नरेट के नियंत्रण कक्ष को और अधिक सक्रिय रखें। परीक्षा से संबंधित हर सूचना एवं घटना की जानकारी डीजीपी मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष व भर्ती बोर्ड को दी जाए।
- किसी भी आकस्मिकता की स्थिति से निपटने हेतु अस्पताल चिन्हित कर लिए जाएं। इसके लिए डीएम तथा चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।