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यूपी : सीएम योगी बोले- पिछली सरकारें जनता के बोझ को कम करने के बजाय जनता के लिए बोझ बन चुकी थीं
Thu, 16 Dec 2021 08:31 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 16 Dec 2021 08:31 PM IST
सार
सीएम ने कहा कि जब हमारी सरकार 2017 में बनी थी, तब तक राज्य में अनाज खरीद की कोई पॉलिसी नहीं थी। आढ़तियों से खरीदारी होती थी। एमएसपी का लाभ किसानों को नहीं मिल पाता था। इसीलिए 2017 के पहले किसान आत्महत्या करता था और गरीब भूख से मरता था।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा सत्र के दौरान उदाहरणों और संस्मरणों से पिछली सरकारों को आईना दिखाया। उन्होंने भाजपा सरकार के कार्यों का उल्लेख कर बताया कि फर्क साफ है। उन्होंने प्रदेश के खस्ताहाल के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें जनता के बोझ को कम करने के बजाय जनता के लिए बोझ बन चुकी थी।
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सीएम योगी ने डॉ. राम मनोहर लोहिया का संस्मरण याद करते हुए कहा कि डॉ. लोहिया ने 1950-60 के दशक में अपनी पीड़ा को व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि जो सरकार इस देश के अंदर गरीबों के लिए शौचालय का निर्माण कर देगी, खुले में शौच से उन्हें मुक्ति दिलाएगी और उनके घर में चूल्हा जलाने का कार्य करेगी, उस सरकार को दुनिया की कोई ताकत 25 सालों तक हटा नहीं पाएगी। डॉ. लोहिया ने 60 साल पहले सपना देखा था और उस सपने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया। आज हर गरीब के पास शौचालय है, हर गरीब के पास रसोई गैस का कनेक्शन, हर गरीब के पास फ्री राशन का कार्ड, आयुष्मान भारत का पांच लाख रुपए का गोल्डेन कार्ड, बिजली का फ्री कनेक्शन है। इस सपने को किसी ने साकार किया है, तो भाजपा सरकार ने किया है।
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मुख्यमंत्री आवास के बाहर कोई निकलता ही नहीं था
सीएम ने कहा कि जब हमारी सरकार 2017 में बनी थी, तब तक राज्य में अनाज खरीद की कोई पॉलिसी नहीं थी। आढ़तियों से खरीदारी होती थी। एमएसपी का लाभ किसानों को नहीं मिल पाता था। इसीलिए 2017 के पहले किसान आत्महत्या करता था और गरीब भूख से मरता था। सरकार को कहीं भी लज्जा नहीं आती थी, क्योंकि सरकार तो अपनी मस्ती में जी रही थी। पांच कालीदास (मुख्यमंत्री आवास) के बाहर तो कोई निकलता ही नहीं था। निकलने की फुर्सत ही नहीं थी।
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कोरोना के बावजूद अंतिम अनुपूरक बजट छह लाख करोड़ का
सीएम योगी ने कहा कि जब हम लोग यहां पर पहला बजट प्रस्तुत किए थे, तब भी मैंने कहा था कि 25 करोड़ की आबादी के राज्य के लिए ढाई लाख करोड़, तीन लाख करोड़ के बजट से काम नहीं चलेगा, हमारा बजट का दायरा बढ़ना चाहिए, लेकिन दायरा हमारे बढ़ाने से नहीं बढ़ सकता, हमारे पास उतने सोर्स ऑफ इनकम भी होना चाहिए। हमने अपना राजस्व भी बढ़ाया और बजट का दायरा भी बढ़ाया। कोरोना कालखंड के बावजूद हम अपने बजट के दायरे को पहुंचाने में सफल हुए। हमारी सरकार का अंतिम अनुपूरक बजट करीब छह लाख करोड़ का है। एफआरबीएम की सीमा का भी हम पूरा पालन कर रहे हैं।
पिछली सरकारें इसी स्पीड के साथ चलतीं, तो देश में नंबर एक होता यूपी
सीएम ने कहा कि हमें प्रदेश की अर्थव्यवस्था को छठे नंबर से नंबर दो और प्रति व्यक्ति आय को लगभग दोगुना करने में भी सफलता मिली है। अगर पहले की सरकारें इसी स्पीड के साथ चलतीं, तो उत्तर प्रदेश आज नंबर दो का नहीं, बल्कि देश में नंबर एक की अग्रणी भूमिका के साथ होता।
उत्तर प्रदेश नंबर एक की अर्थव्यवस्था बनने का हकदार था
सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों ने व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए सत्ता का अपराधीकरण, राजनीति का अपराधीकरण, राजनीति का माफियाकरण नहीं किया होता, सत्ता को वंशवाद और परिवावारवाद के सामने गिरवी नहीं रखा होता, सत्ता भाई भतीजेवाद की भेंट नहीं चढ़ी होती, तो यही उत्तर प्रदेश नंबर एक की अर्थव्यवस्था बनने का हकदार था और यह हक उसको मिलना ही चाहिए। नंबर एक के लक्ष्य को लेकर हम चले थे और कई क्षेत्रों में सरकार के सामूहिक प्रयास के कारण सफलता मिली।