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यूपी: सीएम बोले-बाढ़ और सूखे को लेकर अभी से कर लें तैयारियां, तीन दिन में राहत शिविर तैयार करने के निर्देश
Mon, 20 Jul 2026 09:04 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 20 Jul 2026 09:04 PM IST
सार
Flood situation in UP: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डीएम खुद राहत एवं बचाव कार्यों की मॉनीटरिंग करें। मौसम विभाग, केंद्रीय जल आयोग और नेपाल से प्राप्त जलस्तर सूचनाओं का विश्लेषण कर लें।
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सीएम योगी ने बारिश को लेकर दिए निर्देश।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिक सुरक्षा और किसानों की आजीविका की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में संवेदनशीलता और समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। वह सोमवार को अनियमित वर्षा से सूखे की आशंका और संभावित बाढ़ की समीक्षा बैठक कर रहे थे।
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सीएम ने स्थानीय जरूरतों के अनुसार राहत एवं बचाव की रणनीति तैयार करने को कहा। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में कृषि प्रभावित न हो, इसके लिए सिंचाई संसाधनों का अधिकतम उपयोग करें। बोआई और सिंचाई के वास्तविक समय के आंकड़ों की समीक्षा कर किसानों को सहायता दें। राहत आयुक्त कार्यालय का नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे सक्रिय रहे। हर घंटे की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय, डीजीपी कार्यालय और संबंधित राहत एजेंसियों को भेजें। राज्य स्तरीय डैशबोर्ड पर स्थिति अपडेट रहनी चाहिए। अगले तीन दिनों में सभी राहत शिविर तैयार हों, जिनमें भोजन, पेयजल, चिकित्सा और स्वच्छता की व्यवस्था हो। बच्चों, महिलाओं, वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और गर्भवती महिलाओं की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दें।
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बैठक में बताया गया कि बलिया, गौतमबुद्धनगर, लखीमपुर खीरी और मुजफ्फरनगर की चार तहसीलों के 42 गांव प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव के लिए 1412 बाढ़ चौकियां और 549 मेडिकल टीमें सक्रिय हैं। 1096 बाढ़ शरणालय संचालित हैं, जबकि संवेदनशील 44 जिलों में तैयारियां पूरी हैं। 1694 राहत शरणालय चिह्नित हैं, जहां 5.14 लाख लोग आश्रय ले सकते हैं। एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें तैनात हैं, और 910 पशु शरणालय भी स्थापित हो चुके हैं।
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गरीब का आवास नष्ट होने पर तुरंत दें मकान
डीएम खुद राहत एवं बचाव कार्यों की मॉनीटरिंग करें। मौसम विभाग, केंद्रीय जल आयोग और नेपाल से प्राप्त जलस्तर सूचनाओं का विश्लेषण कर वज्रपात, अतिवृष्टि, जनहानि पर निर्णय लें। खतरे की स्थिति में आबादी को पूर्व सूचना देकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। तटबंधों की नियमित गश्त हो, अराजक तत्वों से नुकसान की आशंका पर सतर्कता बरतें। अग्नि दुर्घटना में गरीब का आवास नष्ट होने पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत तत्काल आवास दें। खुले मैनहोल ढकें और जनसुरक्षा के सभी एहतियाती उपाय सुनिश्चित करें।