दो महीने के अंदर दूसरी बार अयोध्या पहुंचे योगी, पहुंचने से पहले साधु-संतों का हंगामा
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पुलिस ने साधु-संतों को वहां जाने से रोक दिया और उनसे पास की मांग की। यहां तक कि परमहंस की समाधि का जीर्णोद्धार करने वाले नारायण मिश्र को भी प्रशासन ने मौके से हटा दिया। बताया जा रहा है कि कल महंत सुरेश दास और नारायण मिश्र में कहासुनी हुई थी।
साधु-संतों ने इस बात को अपमान के तौर पर लिया और आरोप लगाया कि हमारे साथ आतंकियों की तरह बर्ताव हो रहा है। इस बात को लेकर काफी हंगामा हुआ।
पिछली बार सीएम 31 मई को अयोध्या आए थे। उनके पहुंचने से पहले काफी कई कयास लगाए जा रहे थे। ऐसा इसलिए भी था क्योंकि मुख्यमंत्री के तौर पर लगभग 17 वर्षों बाद भाजपा का कोई नेता अयोध्या जा रहा था।
योगी खुद श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुडे़ रहे हैं। वह मुख्यमंत्री होने के साथ उस गोरक्षपीठ के महंत भी हैं जो अयोध्या आंदोलन के सूत्रधारों में शामिल रही है। इसलिए उनके अयोध्या दौरे पर सबकी नजर रहती है।
ये है सीएम का कार्यक्रम
- दोपहर 12 बजे सरयू नदी के किनारे चौधरी चरण सिंह घाट पर बनी परमहंस रामचंद्र दास की समाधि पर श्रद्धांजलि।
- 12.15 बजे वे समाधि स्थल से दिगंबर अखाड़ा के लिए रवाना होंगे। 12.30 बजे से 1.30 बजे तक वे दिगम्बर अखाड़े में होने वाली श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करेंगे।
- इसके बाद वे दिगम्बर अखाड़े में आयोजित भंडारे के प्रोग्राम में शामिल होंगे। दोपहर 2 बजे वे फैजाबाद हवाईपट्टी से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।