फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ram Mandir Donation Theft Case: CBI Probe Allahabad High Court Lucknow Bench Likely to Hear PIL on Monday

यूपी: क्या CBI को सौंपी जा सकती है राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच? सोमवार को हाईकोर्ट कर सकता है फैसला

Sat, 04 Jul 2026 08:46 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sat, 04 Jul 2026 08:46 AM IST
सार

Ayodhya Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच क्या सीबीआई को सौंपी जा सकती है। इस मामले में दाखिल एक पीआईएल पर हाईकोर्ट फैसला सुना सकता है।

विज्ञापन
Ram Mandir Donation Theft Case: CBI Probe Allahabad High Court Lucknow Bench Likely to Hear PIL on Monday
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर खुलासा। - फोटो : amar ujala

विस्तार

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दानपात्रों से चढ़ावा चोरी के आरोपों वाले मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दाखिल जनहित याचिका (पी आई एल) पर संभवतः सोमवार को सुनवाई होगी। मामले की सी बी आई से जांच कराने समेत चढ़ावे की संपत्ति का कैग से ऑडिट कराने की मांग वाली यह पी आई एल को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में इसी 12 जून को दाखिल हुई थी। समय की कमी की वजह से ग्रीष्म कालीन अवकाश के दौरान इसपर सुनवाई नहीं हो सकी। अब यह जनहित याचिका 6 जुलाई की वाद सूची में न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।

विज्ञापन


स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक ने व्यक्तिगत रूप से यह जनहित याचिका दाखिल की है। इसमें, कथित गबन मामले की जांच समेत केस दर्ज करने के निर्देश सी बी आई को देने का कोर्ट से आग्रह किया गया है। साथ ही श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के दानपात्रों में चढ़ावे के रूप में मिलने वाली नकद धनराशि, सोने चांदी के आभूषणों व अन्य कीमती वस्तुओं का आडिट महालेखा परीक्षक नियंत्रक( कैग) से कराने की मांग भी की गई है। 
विज्ञापन


याचिकाकर्ता का कहना है कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक भगवान श्रीराम जी के मंदिर में दान व चढ़ावे की संपत्ति के कथित गबन के आरोपों का मामला अखबारों में छप रहा है। इससे भक्तों की भावनाओं को ठेस पंहुची है। ऐसे में इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और ऑडिट होना आवश्यक है। याची ने राज्य सरकार को भी यह भी निर्देश देने की मांग की है कि मामले की तफ्तीश किसी पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी की देखरेख में कराई जाए। याचिका में केंद्र, राज्य सरकार के सतर्कता विभाग के प्रमुख सचिव, सी बी आई के निदेशक, कैग व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इसके चेयरपर्सन के माध्यम से पक्षकार बनाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed