टीम अखिलेश के छह मंत्रियों का प्रमोशन, गायत्री की वापसी
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भ्रष्टाचार के आरोप में पंद्रह दिन पहले बर्खास्त किए गए गायत्री प्रजापति की आखिरकार टीम अखिलेश में वापसी हो ही गई। उनके साथ मनोज पांडेय और शिवाकांत ओझा भी लौट आए।
सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 8वें मंत्रिमंडल विस्तार में तीनों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। इसी के साथ तीन महीने के इंतजार के बाद बलिया के जियाउद्दीन रिजवी की भी नए कैबिनेट मंत्री के रूप में टीम अखिलेश में एंट्री हो ही गई।
मंत्रिमंडल विस्तार में तीन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रियाज अहमद, रविदास मेहरोत्रा व यासर शाह तथा तीन राज्यमंत्रियों अभिषेक मिश्र, नरेंद्र वर्मा व शंखलाल मांझी को तरक्की देकर कैबिनेट मंत्री बना दिया गया है। खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद को कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
इस विस्तार के बाद अखिलेश मंत्रिपरिषद की संख्या 60 हो गई है। मंत्रिमंडल विस्तार में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव तथा सपा प्रदेश अध्यक्ष व सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव की ‘गुडबुक’ में शामिल ऐसे नेताओं की सम्मानजनक वापसी हो गई, जो हाशिये पर पहुंचा दिए गए थे।
ये बने कैबिनेट मंत्री, सभी मुलायम के करीबी
गायत्री प्रसाद प्रजापति
अमेठी से विधायक गायत्री मुलायम के नजदीकी हैं। भ्रष्टाचार के आरोप और हाईकोर्ट से खनन घोटाले की सीबीआई जांच के आदेश के बाद 12 सितंबर को बर्खास्त किए गए थे। मुलायम की सिफारिश पर दोबारा मंत्री बनाए गए।
जियाउद्दीन रिजवी
जियाउद्दीन 27 जून को मंत्री मनोनीत किए गए थे। बलिया के सिकंदरपुर से विधायक हैं। कौमी एकता दल से गठबंधन टूटने के बाद पूर्वांचल में मुस्लिमों को जोड़े रखने के लिए मंत्री बनाया गया। मुलायम के नजदीकी।
मनोज कुमार पांडेय
मनोज पांडेय को 27 जून को बर्खास्त किया गया था। ब्राह्मणों को जोड़ने की मुहिम के तहत टीम अखिलेश में उनकी दोबारा वापसी हुई है। मुलायम के करीबी माने जाते हैं।
शिवाकांत ओझा
शिवाकांत ओझा प्रतापगढ़ से विधायक हैं। वह प्राविधिक शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। उन्हें दिसंबर 2015 में बर्खास्त कर दिया गया था। ब्राह्मणों को जोड़ने के मकसद से फिर से वापसी हुई है।
पहली बार 12 मुस्लिम मंत्री
सूबे के इतिहास में यह पहली बार है जब मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा 12 मुस्लिमों की नुमाइंदगी है। इसमेें भी 10 कैबिनेट मंत्री हैं। इसे बसपा के 100 मुस्लिमों को विधानसभा का टिकट देने का जवाब माना जा रहा है। साथ ही, सपा सरकार ने यह भी संदेश दिया है कि वह मुस्लिम वोटों में बंटवारा नहीं चाहती।
राहुल का हमला
गायत्री को दोबारा कैबिनेट में शामिल किए जाने पर राहुल गांधी ने हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश ने भ्रष्ट मंत्री निकाले और मुलायम के कहने पर फिर से मंत्री बना दिया। भ्रष्ट मंत्री हट जाएंगे, तो सपा चलेगी कैसे?
मुलायम की सफाई
शपथ ग्रहण के बाद मुलायम सिंह यादव ने सफाई देते हुए कहा, मैंने गायत्री को मंत्री नहीं बनाया। मैंने सिर्फ सिफारिश की थी। सीएम ने बात मान ली। यह अच्छी बात है। गायत्री पिछड़ी जाति से आते हैं और पार्टी के कर्मठ व वफादार कार्यकर्ता हैं।
...और लखनऊ के दो मंत्रियों समेत छह प्रमोट, अब कैबिनेट मंत्री
रियाज अहमद (पहले राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे अब कैबिनेट मंत्री बनें।)
यासर शाह (पहले राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे अब कैबिनेट मंत्री बनें।)
रविदास मेहरोत्रा (पहले राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे अब कैबिनेट मंत्री बनें।)
अभिषेक मिश्र (पहले राज्यमंत्री थे अब कैबिनेट मंत्री बने।)
नरेंद्र वर्मा (पहले राज्यमंत्री थे अब कैबिनेट मंत्री बने।)
शंखलाल मांझी (पहले राज्यमंत्री थे अब कैबिनेट मंत्री बने।)