यूपी कैबिनेट के फैसले: विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को सातवें वेतनमान की सौगात, 1 जनवरी 2016 से लागू
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शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों सातवें वेतनमान की बहुप्रतीक्षित सौगात दे दी। राज्य विश्वविद्यालयों तथा राजकीय व अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों एक जनवरी 2016 से ही इसका लाभ मिलेगा। इसका लाभ 14,500 शिक्षकों को मिलेगा। कैबिनेट ने कृषि, प्राविधिक व पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों को भी सातवां वेतनमान देने को सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय व डिग्री शिक्षकों के सातवें वेतन के संबंध में केंद्र सरकार ने 2 नवंबर 2017 को जो संशोधित शासनादेश जारी किया था, उसी के अनुसार लाभ दिया जाएगा। मार्च 2019 तक के भुगतान पर 921.54 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसमें केंद्र व प्रदेश की हिस्सेदारी 50-50 फीसदी है। अगले वित्त वर्ष से पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह का लाभ
सातवां वेतनमान लागू होने से प्रत्येक शिक्षक के वेतन में हर माह 15 से 20 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
मिर्जापुर मेडिकल कॉलेज को कृषि विभाग की 9.22 एकड़ जमीन मुफ्त
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने निर्माणाधीन मिर्जापुर मेडिकल कॉलेज के लिए 9.22 एकड़ अतिरिक्त जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 जुलाई को किया था।
सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि मिर्जापुर जिला अस्तपाल को मेडिकल कॉलेज में बदला जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के लिए 20 एकड़ जमीन चाहिए। सरकार ने जिला अस्तपाल से मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध करा दी थी।
मगर, मौजूदा स्थिति में मेडिकल कॉलेज का फ्रंट छोटा हो रहा है। इसके लिए कैबिनेट ने कृषि विभाग की 9.22 एकड़ जमीन नि:शुल्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
नोएडा व बस्ती में बनेंगे 400 केवी नए ट्रांसमिशन उपकेंद्र
नोएडा व पूर्वांचल की बिजली व्यवस्था और बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने नोएडा व बस्ती में 400 केवी के नए ट्रांसमिशन उपकेंद्रों के निर्माण को मंजूरी दी है। नोएडा के सेक्टर 148 व 123 में 400 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र का निर्माण कराया जाएगा।
इसी के साथ नोएडा के सेक्टर 148 उपकेंद्र से सेक्टर 123 उपकेंद्र तक 400 केवी मोनोपोल डीसी (डबल सर्किट) लाइन के निर्माण को भी मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा पूर्वांचल की बिजली व्यवस्था बेहतर करने के लिए बस्ती जिले के भौखरी में 400 केवी के उपकेंद्र व उससे संबंधित लाइनों के निर्माण को भी मंजूरी दे दी गई है।
नोएडा के सेक्टर 148 में 400 केवी उपकेंद्र के निर्माण पर 165.57 करोड़ तथा सेक्टर 123 के उपकेंद्र पर 141.41 करोड़ की लागत अनुमानित है। इसके अलावा सेक्टर 148 से सेक्टर 123 तक डीसी लाइन के निर्माण पर 98.35 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बिजनौर व महोबा के उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को अनुदान देगी सरकार
कैबिनेट ने बिजनौर और महोबा के एक-एक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को हाईस्कूल स्तर पर अनुदान सूची पर लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन विद्यालयों में 13-13 पद सृजित किए जाएंगे। राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि हाईस्कूल स्तर पर अनुदान के लिए 14 अक्तूबर 1986 कट ऑफ डेट तय थी।
इस तिथि तक के विद्यालयों को अनुदान सूची पर लेने पर फैसला हुआ था। लेकिन 26 कॉलेज ऐसे थे जिनकी स्वीकृति तो हो गई, लेकिन आदेश कट टॉफ डेट के बाद जारी हुए। बाद की सरकारों ने इस संबंध में निर्णय नहीं लिया। इनमें दो विद्यालयों किसान इंटर कॉलेज पीली चौकी बिजनौर तथा गोकुल प्रसाद बालिका उच्तर माध्यमिक विद्यालय खरैला महोबा के प्रबंधतंत्र हाईकोर्ट चले गए थे।
हाईकोर्ट के आदेश पर इन दोनों विद्यालयों को अनुदान सूची पर लेने का फैसला किया गया है। इन विद्यालयों में 13-13 पद सृजित किए जाएंगे। इनमें एक-एक पद प्रधानाचार्य, एक-एक पद लिपिक, 7-7 पद सहायक शिक्षक व 4-4 पद चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के होंगे।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की टोल एजेंसी चयन के प्रस्ताव को मंजूरी
कैबिनेट ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर बने दो मुख्य टोल प्लाजा और 15 रैंप प्लाजा के संचालन, टोल कलेक्शन तथा 5 एंबुलेंस व 10 पेट्रोलिंग वाहनों की तैनाती (कार्मिकों सहित) के लिए एजेंसियों के चयन से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि टोल एजेंसी चयन में सरकार पर कोई खर्च नहीं आएगा। इससे टोल वसूली के पहले वर्ष ही 222 करोड़ रुपये आय होने की संभावना है। टोल के लिए निविदाकर्ता के चयन की अनुमति के 15 दिन में चयनित एजेंसी टोल वसूली शुरू कर देगी। टोल एजेंसी से करीब एक हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
इसके अलावा 10 पेट्रोल कार व 5 एंबुलेंस उपलब्ध होने से एक्सप्रेस-वे का प्रयोग करने वालों की यात्रा सुरक्षित रहेगी। दुर्घटना की दशा में तत्काल चिकित्सीय सुविधा मिल सकेगी। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से हैंडलूम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, भंडारण गृह, मंडी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए बड़ी संभावनाएं खुलेंगी।
चार निवेशकों को 125 करोड़ की वित्तीय सुविधाओं को मंजूरी
योगी कैबिनेट ने सपा शासनकाल में शुरू हुए चार निवेश प्रोजेक्ट के लिए 125.13 करोड़ रुपये की वित्तीय सुविधाएं देने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति- 2012 (मेगा परियोजना) के अंतर्गत चार कंपनियों ने वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है। कैबिनेट ने नीति के अनुसार सुविधाएं देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये निवेश प्रोजेक्ट बुलंदशहर, रायबरेली, हरदोई व मेरठ में स्थापित हैं।
लाभ पाने वाले निवेशक
श्री सीमेंट, बुलंदशहर--60.96 करोड़
रिलायंस सीमेंट, रायबरेली--42.28 करोड़
वरुण ब्रेवरेज, संडीला हरदोई--20.51 करोड़
पसवारा पेपर्स, मेरठ--1.38 करोड़
बिजली पोल लगाने पर किसानों को जमीन के मुआवजे के प्रस्ताव को मंजूरी
बिजली की ट्रांसमिशन लाइन का टावर लगाने पर किसानों को सर्किल रेट के हिसाब से 85 प्रतिशत जमीन का मुआवजा दिया जाएगा। कैबिनेट ने इस संबंध में केंद्रीय बिजली मंत्रालय के दिशा-निर्देशों को अंगीकृत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
प्रदेश में तैयार हो रहे ट्रांसमिशन नेटवर्क के तहत टावर लगाने के लिए किसानों की जमीन ली जा रही है। अभी इससे केवल क्षतिग्रस्त फसलों के लिए क्षतिपूर्ति का ही प्रावधान है। टावरों के नीचे की भूमि के अधिग्रहण का मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है।
राज्य सरकार ने इस बाबत केंद्रीय बिजली मंत्रालय के दिशा-निर्देशों को अंगीकृत करने का फैसला किया है। इसके तहत प्रावधान है कि विभिन्न क्षमता की ट्रांसमिशन लाइनों के टावर बेस के नीचे की 85 प्रतिशत क्षेत्रफल भूमि की लागत अतिरिक्त क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। क्षतिपूर्ति की गणना संबंधित क्षेत्र के जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित सर्किल रेट के अनुसार की जाएगी।
गंगा घाट से विश्वनाथ मंदिर में पड़ने वाले 24 सेवईत भवन खरीदेगी सरकार
कैबिनेट ने काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी के विस्तारीकरण व सुंदरीकरण के लिए 24 संपत्तियों को सहमति से खरीदने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। श्रीकांत शर्मा ने बताया कि गंगा नदी से काशी विश्वनाथ मंदिर तक मार्ग विस्तारीकरण के लिए 288 कुल संपत्तियां हैं। इनमें 166 भूमि व भवनों की खरीद की जानी है। इसमें 24 सेवईत संपत्तियां हैं। मंत्री ने बताया कि सेवईत सेवादार होते हैं मालिक नहीं। इन 24 संपत्तियों की कीमत करीब 14.55 करोड़ रुपये है। विनिमय के अंतर्गत सेवईतों को वाराणसी में लगभग 10 प्रतिशत अधिक या कम लागत की संपत्ति खरीद कर सेवईतनामा के साथ दिया जाएगा।