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UP Cabinet Decision : 15 साल पुराने सरकारी वाहनों का अब नहीं होगा नवीनीकरण, तय किए गए मूल्य पर होगी नीलामी

Wed, 07 Jun 2023 12:18 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 07 Jun 2023 12:18 AM IST
सार

प्रदेश में मार्गों के दोनों तरफ बिजली केबल, सीवर और ड्रेन आदि यूटिलिटी सेवाओं की स्थापना के लिए डक्ट निर्माण के मानकीकरण के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है।

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UP Cabinet Decision: 15 years old government vehicles will not be renewed now
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

विस्तार

एक अप्रैल 2023 को 15 साल पूरे कर चुके सरकारी वाहनों के रजिस्ट्रेशन का अब नवीनीकरण नहीं होगा। उन्हें नीलाम करते हुए कबाड़ किया जाएगा। इसका मूल्यांकन करने एवं नीलामी प्रक्रिया का निर्धारण करने की प्रक्रिया को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी।

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सरकारी गाड़ियों को निष्प्रयोज्य घोषित करने का मापदंड तय करने का शासनादेश जारी हो चुका है। इसके तहत 15 साल पुराने वाहनों को कबाड़ किए जाने का निर्णय लिया गया है। मुख्य सचिव ने सभी विभागों से उनके 15 साल पुराने वाहनों की सूचना भी मंगा ली है। तय किया गया है कि मैटल स्क्रैप ट्रेडिंग कारपोरेशन, विभागीय मूल्य निर्धारक या नामित मूल्य निर्धारक द्वारा तय किए गए मूल्य पर वाहनों की नीलामी होगी। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इसकी प्रक्रिया निर्धारित करने को मंजूरी दे दी गई।
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सड़क पर केबल के लिए डीएम की कमेटी से लेनी होगी अनुमति
प्रदेश में मार्गों के दोनों तरफ बिजली केबल, सीवर और ड्रेन आदि यूटिलिटी सेवाओं की स्थापना के लिए डक्ट निर्माण के मानकीकरण के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है। अक्सर यह देखा गया है कि नियोजन के अभाव में यूटिलिटी सेवाओं के लिए मार्ग को काटा जाता था, जिससे लोगों को असुविधा होती है और हादसे भी होते हैं। नई व्यवस्था में इन दिक्कतों को दूर किया जा सकेगा।
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नई व्यवस्था में प्रत्येक जिले में डीएम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा, जिसके संयोजक मार्ग से संबंधित विभाग या संस्था के कम से कम अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी होंगे। यूटिलिटी सेवाओं से संबंधित जिलास्तरीय अधिकारी समिति के सदस्य होंगे। यूटिलिटी से संबंधित प्रस्ताव इसी समिति के सामने रखने होंगे। यूटिलिटी डक्ट का निर्माण और रखरखाव का दायित्व निर्माण करने वाली संस्था वहन करेगी।

छोटे जिलों में निजी विश्वविद्यालय की स्थापना पर प्रोत्साहन देगी सरकार
प्रदेश के छोटे जिलों में भी निजी विश्वविद्यालय की स्थापना पर सरकार की ओर से निवेशकों को आर्थिक रियायतों के साथ अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। मंगलवार शाम आयोजित कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी नीति बनाने के निर्देश दिए।


उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक निजी या राज्य विश्वविद्यालय स्थापित हो। उन्होंने कहा कि जिन छोटे जिलों में अभी विश्वविद्यालय नहीं हैं वहां निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए नीति बनाई जाएगी। नीति के तहत छोटे जिलों में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने वाले निवेशकों को विभिन्न प्रकार के आर्थिक प्रोत्साहन दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नीति बनाने के लिए विभागीय स्तर पर जल्द कार्यवाही शुरू होगी।

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