जानें, शिक्षा व शिक्षकों के लिए बजट में क्या रहा
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यूपी सरकार ने अपने पांचवे बजट में सर्व शिक्षा अभियान के लिये 15,397 करोड़ रुपए की व्यवस्था की बात कही है।
मिड डे मील के अन्तर्गत स्टूडेंट्स को फल बांटने की नई योजना के लिये 200 करोड़ रुपए की व्यवस्था हुई है।
प्रदेश के ग्रामों/मजरों में विद्यालयों के अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण कराये जाने के लिये 20 करोड़ रुपए की घोषणा हुई है।
यूपी में मॉडल प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण के लिए15 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।
वहीं माध्यमिक शिक्षा की विभिन्न योजनाओं के लिए 9,168 करोड़ रुपए की घोषणा हुई है। संशोधित कन्या विद्याधन योजना के अन्तर्गत प्रति छात्रा 30 हजार रुपए की दर से प्रोत्साहन स्वरूप धनराशि प्रदान किये जाने के लिए 300 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
10वीं एवं 12वीं पास मेधावी स्टूडेंट्स की तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निःशुल्क लैपटॉप दिए जाने के लिए 100 करोड़ रुपए दिए गए हैं। अमेठी, मैनपुरी तथा झाँसी में सैनिक स्कूल बनाने के लिये 150 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
अशंकालिक शिक्षकों के मानदेय का खास ध्यान
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त अशासकीय/असहायिक विद्यालयों के अंशकालिक शिक्षकों को मानदेय देने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।
उच्च शिक्षा की योजनाओं के लिए 2,622 करोड़ रुपए इस बजट में मिले। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के अवशेष निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने के लिए 25 करोड़ रुपए, इलाहाबाद में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपए तथा बलिया में विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 10 करोड़ रुपए की घोषणा हुई है।
लखनऊ यूनिवर्सिटी में शोध पीठ केन्द्र की स्थापना और आधारभूत सुविधाओं के उन्नयन के लिये 35 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। राजकीय महाविद्यालयों में लाइब्रेरी एवं कॉमन रूम में वाई-फाई की सुविधा हेतु ढाई करोड़ रुपए दिए गए हैं।
टेक्निकल एजुकेशन के लिए भी बजट में कुछ बड़ी घोषणाएं की गई। बस्ती एवं गोण्डा में एक-एक इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने का फैसला किया गया है। वहीं मिर्जापुर में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना करने हेतु 25 करोड़ रुपए की घोषणा की गई।
प्रदेश में 12 पॉलीटेक्निक ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी स्थापित करने का फैसला लिया गया है। यूपी के 18 महिला पॉलीटेक्निक में इस साल15 महिला छात्रावास निर्मित कराने का प्रस्ताव भी बजट में है।
एमबीबीएस में बढ़ाई गईं 1700 सीटें
यूपी के इस बजट में प्रदेश में एमबीबीएस की करीब 1700 सीटें बढ़ाने की घोषणा हुई है। प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों, केजीएमयू, एसजीपीजीआई, राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान तथा ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के लिए 4,572 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।
वहीं इस बजट में लखनऊ के कैंसर संस्थान के लिए 310 करोड़ रुपए का प्रावधान है। राजकीय मेडिकल कॉलेज बांदा को शैक्षणिक सत्र 2016-17 से संचालित करने का लक्ष्य भी दिया गया है।
चंदौली में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए भूमि आवंटित की गई है। डॉ राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज, लखनऊ में शैक्षणिक सत्र 2016-17 से एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।
केजीएमयू में चिकित्सा शिक्षा, शोध और उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं सुलभ कराने के लिए इन्स्टीट्यूट ऑफ पीडियाट्रिक साइंसेज, इन्स्टीट्यूट ऑफ वीमेन हेल्थ, इन्स्टीट्यूट ऑफ ऑफ्थैल्मोलॉजिकल साईन्सेज तथा इन्स्टीट्यूट ऑफ पैथालॉजिकल साईन्सेज के नये विभाग खोलने की भी घोषणा हुई है। बजट में राजकीय मेडिकल कॉलेज नजीबाबाद, बिजनौर की स्थापना हेतु 40 करोड़ रुपए का प्रावधान है।