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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP Budget 2025: UP minister Suresh Khanna speaks about how government controlled crime in Uttar Pradesh.

UP Budget 2025: वित्तमंत्री ने अपराध नियंत्रण का दिया ब्यौरा, बोले - प्रदेश में गुंडाराज से सुशासन लाए

Thu, 20 Feb 2025 04:36 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 20 Feb 2025 04:36 PM IST
सार

यूपी के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में कहा कि जब हमारी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में कार्यभार संभाला था उस समय प्रदेश किस प्रकार की विषम कानून व्यवस्था और गुंडाराज की गिरफ्त में था यह सभी को मालूम है।
 

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UP Budget 2025: UP minister Suresh Khanna speaks about how government controlled crime in Uttar Pradesh.
सदन में बजट भाषण पढ़ते वित्तमंत्री सुरेश खन्ना। - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में दावा किया है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के सुधार से आर्थिक उन्नति हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिये सुदृढ़ कानून व्यवस्था का होना पहली शर्त है। जब हमारी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में कार्यभार सम्भाला था उस समय प्रदेश किस प्रकार की विषम कानून व्यवस्था और गुंडाराज की गिरफ्त में था यह सभी को मालूम है।

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हमारे मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं मार्ग निर्देशन में हमारी सरकार द्वारा प्रदेश में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेन्स की नीति अपनाते हुये गुण्डों, माफियाओं और हर अपराध पेशा लोगों के विरूद्ध अभियान चला कर कार्रवाई की गयी।
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कश्ती चलाने वालों ने जब हार के दी पतवार हमें।
लहर-लहर तूफान मिले और संग-संग मझधार हमें।
फिर भी दिखलाया है हमने और आगे दिखा भी देंगे।
इन हालातों में आता है दरिया करना पार हमें ।।

अभियोजन की प्रक्रिया को सुदृढ बनाते हुये अपराधियों को विभिन्न न्यायालयों से सजा दिलाई गई। वर्ष 2017 से दिसम्बर 2024 तक प्रदेश के चिन्हित 68 माफिया अपराधियों के विचाराधीन अभियोगों में प्रभावी पैरवी कर 73 अभियोगों में 31 माफिया अपराधियों को आजीवन कारावास/कारावास व अर्थदण्ड की सजा से दण्डित कराया गया है, जिसमें 02 को फांसी की सजा हुई है। महिलाओं एवं नाबालिगों के विरूद्ध हुए अपराधों में 27,425 अभियोगों, पॉस्को अधिनियम के 11,254 अभियोगों एवं दहेज हत्या की 3,775 अभियोगों में अभियुक्तों को सजा दिलायी गयी।
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साइबर अपराध में प्रयुक्त 13,83,232 मोबाइल नम्बर ब्लॉक कराये गये। (देश में प्रथम स्थान)। वर्ष 2017 से दिनांक 31.12.2024 तक कुल पंजीकृत 77,210 अभियोगों के सापेक्ष में 66,475 अभियोगों का निस्तारण कर 43,202 अभियुक्तगणों के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए रू0 320.89 करोड़ की धनराशि बरामद की गयी। अपराधों पर अंकुश लगाये जाने की प्रभावी कार्रवाई के तहत दिनाँक 20 मार्च, 2017 से 23 जनवरी, 2025 तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों के दुर्दान्त अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई के दौरान कुल 221 अपराधी मुठभेड़ में मारे गये एवं 8022 घायल हुये। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में मात्र 04 विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित थीं। वर्ष 2017 के पश्चात 08 नये जनपद मण्डल में विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना की गयी। जनपद अयोध्या, बस्ती, बाँदा, आजमगढ़, मीरजापुर एवं सहारनपुर में 06 नयी विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना का कार्य प्रचलित है।

कारागार प्रशासन
 प्रदेश की 74 कारागारों एवं जनपद न्यायालयों में संचालित वीडियो कान्फेन्सिंग इकाईयों से बन्दियों की रिमाण्ड की कार्यवाही हो रही है। कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था हेतु लगभग 4800 सी.सी.टी.वी. कैमरे स्थापित है, जिनकी फीड प्राप्त किये जाने हेतु मुख्यालय में वीडियो वॉल स्थापित है। 24 कारागारों में 3 जी क्षमता के 271 मोबाइल फोन जैमर स्थापित है।

प्रदेश में बैंकिंग सेक्टर की स्थिति का दिया ब्यौरा

वर्तमान में प्रदेश में बैंकों की 20,416 शाखायें, 4,00,932 बैंक मित्र एवं बी०सी०सखी तथा 18,747 एटीएम सहित कुल 4,40,095 बैंकिंग केन्द्रों के माध्यम से बैंकिग सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के अन्तर्गत प्रदेश 9.57 करोड़ खातों के साथ देश में प्रथम स्थान पर है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजनान्तर्गत अब तक प्रदेश में 6.52 करोड़ नामांकन के साथ उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजनान्तर्गत अब तक प्रदेश में 2.28 करोड़ नामांकन के साथ उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। अटल पेंशन योजनान्तर्गत अब तक प्रदेश में 1.12 करोड़ नामांकन के साथ प्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है।

प्रदेश में चिकित्सा के क्षेत्र में किए गए सुधारों का दिया ब्यौरा

आज से सात-आठ साल पहले प्रदेश में चिकित्सा सुविधायें अत्यन्त जर्जर अवस्था में थीं। प्रत्येक वर्ष प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संक्रमक रोगों से बड़े पैमाने पर मौतें हुआ करती थीं। प्रदेश में रोगों की पहचान, रोकथाम और इलाज की व्यवस्थायें जनमामान्य को उपलबध नहीं थीं। हमने कोविड वैश्विक बीमारी का दौर भी देखा जिसके दौरान प्रदेश में जिस कुशलता के साथ इस विभीषिका का सामना किया गया उसकी प्रशंसा विश्व स्तर पर की गई। आज प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का प्रसार जिस प्रकार हुआ है. और लगातार हो रहा है वह अदभुत है- रात कितनी ही भले हो स्याह आखिर में उसे, मात खानी ही पड़ेगी रोशनी के हाथ से।

चिकित्सा शिक्षा
वर्तमान में प्रदेश में 80 मेडिकल कालेज है जिनमें 44 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं एवं 36 निजी क्षेत्र में है। प्रदेश में 02 एम्स एवं आईएमएस, बीएचयू, वाराणसी तथा जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ संचालित हैं। वर्ष 2024-2025 में 13 स्वाशासी चिकित्सा महाविद्यालय एवं पीपीपी मोड पर 03 जनपदों-महाराजगंज, सम्भल तथा शामली में नवीन मेडिकल कॉलेज स्थापित किये गये हैं।
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