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Up Budget 2021: प्रदेश वासियों को फ्री कोरोना वैक्सीन के लिए 50 करोड़, 16 जिलों को मिलेंगे पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज
Mon, 22 Feb 2021 06:26 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 22 Feb 2021 06:26 PM IST
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कोरोना टीकाकरण
- फोटो : पीटीआई
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प्रदेश के सरकार के आखिरी बजट में घातक बीमारियों से बचाव, इलाज और चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर रहा। चिकित्सा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के मद में 12 हजार करोड़ से अधिक की व्यवस्था की गई है। विधानसभा चुनाव की दहलीज पर बैठे राज्यों में फ्री कोरोना वैक्सीन के दावों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने आखिरी बजट में इस मद में 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर दी है। इसके अलावा अभी तक फाइलों में घूम रहे पीपीपी मोड के मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 48 करोड़ की व्यवस्था की गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों जांच की सुविधा के लिए 1073 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने लगभग एक साल से कोरोना महामारी से जूझ रहे प्रदेश वासियों के मन में फ्री टीकाकरण को लेकर उठ रहे संशय का जवाब अपना बजट से दे दिया है। हालांकि अभी तय नहीं है कि इस रकम को कैसे और किन लाभार्थियों पर खर्च किया जाएगा, लेकिन बजट आवंटित होने से प्रदेश की जनता के मन में एक सकारात्मक संदेश जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी की तरह काम करने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को 5365 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे स्वास्थ्य विभाग की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। खासतौर से प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी को पूरा करने में इससे मदद मिलेगी। इसके अलावा गांव स्तर तक जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1073 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस बजट से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर जांच की सुविधा का बुनियादी ढांचा विकसित किया जा सकेगा।
16 जिलों में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्था
प्रदेश में इलाज के साथ ही चिकित्सा शिक्षा का ढांचा विकसित करने के उद्द्ेश्य से 16 जिलों में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए 48 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है। प्रदेश के बागपत, बलिया, भदोही, चित्रकूट, हमीरपुर, हाथरस, कासगंज, महाराजगंज, महोबा, मैनपुरी, मऊ, रामपुर, संभल, संतकबीर नगर, शामली और श्रावस्ती में न तो सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं और न ही निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज। इन जिलों में पीपीपी मोड पर व्यवस्था मेडिकल कॉलेजों का संचालन किय जाएगा। इस योजन की घोषणा वर्ष 2020 में की गई थी।
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अमेठी, बलरामपुर सहित 15 मेडिकल कॉलेजों के लिए 2125 करोड़
प्रदेश में केंद्र सहायतित योजना के तहत जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत करके बन रहे 13 मेडिकल कॉलेजों के लिए 1950 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अमेटी और बलरामपुर में मेडिकल कॉलेजों के लए 175 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। अमेठी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का संसदीय क्षेत्र है। बलरामपुर में मेडिकल कॉलेज को केजीएमयू के सेटलाइट सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा बिजनौर, कुशीनगर, सुल्तानपुर, गोंडा, ललितपुर, लखीमपुर खीरी, चंदौली, बुलंदशहर, सोनभद्र, पीलीभीत, औरैया, कानपुर देहात, कौशांबी में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण चल रहा है।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने लगभग एक साल से कोरोना महामारी से जूझ रहे प्रदेश वासियों के मन में फ्री टीकाकरण को लेकर उठ रहे संशय का जवाब अपना बजट से दे दिया है। हालांकि अभी तय नहीं है कि इस रकम को कैसे और किन लाभार्थियों पर खर्च किया जाएगा, लेकिन बजट आवंटित होने से प्रदेश की जनता के मन में एक सकारात्मक संदेश जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी की तरह काम करने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को 5365 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे स्वास्थ्य विभाग की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। खासतौर से प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी को पूरा करने में इससे मदद मिलेगी। इसके अलावा गांव स्तर तक जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1073 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस बजट से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर जांच की सुविधा का बुनियादी ढांचा विकसित किया जा सकेगा।
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16 जिलों में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्था
प्रदेश में इलाज के साथ ही चिकित्सा शिक्षा का ढांचा विकसित करने के उद्द्ेश्य से 16 जिलों में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए 48 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है। प्रदेश के बागपत, बलिया, भदोही, चित्रकूट, हमीरपुर, हाथरस, कासगंज, महाराजगंज, महोबा, मैनपुरी, मऊ, रामपुर, संभल, संतकबीर नगर, शामली और श्रावस्ती में न तो सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं और न ही निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज। इन जिलों में पीपीपी मोड पर व्यवस्था मेडिकल कॉलेजों का संचालन किय जाएगा। इस योजन की घोषणा वर्ष 2020 में की गई थी।
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अमेठी, बलरामपुर सहित 15 मेडिकल कॉलेजों के लिए 2125 करोड़
प्रदेश में केंद्र सहायतित योजना के तहत जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत करके बन रहे 13 मेडिकल कॉलेजों के लिए 1950 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अमेटी और बलरामपुर में मेडिकल कॉलेजों के लए 175 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। अमेठी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का संसदीय क्षेत्र है। बलरामपुर में मेडिकल कॉलेज को केजीएमयू के सेटलाइट सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा बिजनौर, कुशीनगर, सुल्तानपुर, गोंडा, ललितपुर, लखीमपुर खीरी, चंदौली, बुलंदशहर, सोनभद्र, पीलीभीत, औरैया, कानपुर देहात, कौशांबी में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण चल रहा है।