यूपी बोर्ड परीक्षाएं शुरू, फेल हुआ सिस्टम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूरी तरह नकल विहीन और सुव्यवस्थित तरीके से यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू कराने का सरकार का दावा पहले ही दिन फेल हो गया। आलम यह रहा कि कई परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक नहीं पहुंचें तो कई जगह छात्र-छात्राओं को अंधेरे में परीक्षा देनी पड़ी।
कुछ परीक्षा केंद्रों पर बी कॉपियां नहीं मिलीं तो कई जगहों पर फर्जी कक्ष निरीक्षक भी पकड़े कए। नोएडा के कुछ केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों के नहीं पहुंचने पर बाबुओं और चपरासियों ने परीक्षा कराई।
अधिकतर वित्तविहीन स्कूलों में वहीं के शिक्षक कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करते हुए मिले। नकल माफियाओं के हौसले भी बुलंद दिखे। कई सेंटरों से सामूहिक नकल हुई। पहले ही दिन 38 छात्र और 37 छात्राएं नकल करते पकड़ीं गईं। कुल मिलाकर सिस्टम पहले ही दिन फेल हो गया।
अवध में 32 हजार ने छोड़ी हाईस्कूल की परीक्षा
बहराइच--9870
श्रावस्ती--2164
अंबेडकरनगर--5271
सुल्तानपुर--3738
रायबरेली--3995
गोंडा--1232
बलरामपुर--1229
सीतापुर--4365
इस तरह की मिलीं गड़बड़ियां
- फैजाबाद में दो नकलची पकड़े गए। सार्वजनिक विद्यालय रनापुर में सामूहिक नकल। परीक्षा रद्द।
- सुल्तानपुर के गौरा इंटर कॉलेज में जूते उतरवाने पर बवाल। अमेठी में भी कुछ सेंटरों पर इसे लेकर छात्र भड़क गए।
- अंबेडकरनगर में एसडीएम भीटी ने दो ऐसे कक्ष निरीक्षक पकड़े जिनका विद्यालय में कोई रिकॉर्ड नहीं था।
- गोंडा में डीआईओएस ने गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर छह कक्ष निरीक्षकों को कार्यमुक्त कर दिया। बाराबंकी में भी एक को कार्यमुक्त किया गया।
- रायबरेली के कई केंद्रों पर बी-कॉपी न मिलने की शिकायत आई।
- बाराबंकी में केंद्रों पर बिजली न होने से अंधेरे में परीक्षा देनी पड़ी।
...लेकिन आसान परचे से खिला चेहरा
यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन परीक्षार्थियों ने जितने तनाव के साथ क्लास रूम में प्रवेश किया था, आसान पेपर देखकर उतने ही खुश नजर आए। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों में हिंदी का पेपर अपेक्षाकृत सरल रहा।