यूपी बोर्ड प्रमाण पत्रों का सत्यापन अब ऑनलाइन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी बोर्ड के प्रमाण पत्रों के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी पर जल्द ही रोक लगेगी। इसके लिए बोर्ड के अंकपत्रों और प्रमाण पत्रों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। इससे ऑनलाइन प्रमाण पत्र प्राप्त किए जा सकेंगे और इसका सत्यापन भी कराया जा सकेगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समक्ष जल्द ही इस योजना को रखने की तैयारी कर रहा है। उनकी अनुमति मिलने के बाद इसके लिए निजी कंपनी से करार किया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने वाले छात्र अपना अंकपत्र ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं, लेकिन मूल अंकपत्र व प्रमाण पत्र कॉलेज से ही प्राप्त करने होते हैं।
इसके अलावा सरकारी नौकरी लगने वालों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन की अभी ऑनलाइन व्यवस्था नहीं है। इस कारण बोर्ड से सत्यापन कराने में काफी समय लग जाता है। यूपी बोर्ड का ऑनलाइन ब्यौरा न होने की वजह से धोखाधड़ी की आशंका भी रहती है।
इसलिए माध्यमिक शिक्षा विभाग चाहता है कि नए और पुराने सभी अंकपत्रों व प्रमाण पत्रों का डिजिटलाइजेशन करा दिया जाए जिससे लोगों को इसे लेने में परेशानी न हो और फर्जीवाड़ा भी कम हो जाए।
मामूली शुल्क पर मिलेगा प्रमाण पत्र
प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने बताया कि नया हो या पुराना, सभी अंकपत्र और प्रमाण पत्र ऑनलाइन मिलेंगे। इसके लिए मामूली शुल्क लिया जाएगा। पहले चरण में नए छात्रों का पूरा ब्यौरा ऑनलाइन किया जाएगा।
फिर पुरानों का ब्यौरा डिजिटलाइजेशन कराते हुए ऑनलाइन कर दिया जाएगा। अंकपत्र या प्रमाण पत्र खो जाने पर इसे ऑनलाइन लिया जा सकेगा।
इसके लिए क्रेडिट या डेबिट कार्ड से शुल्क जमा करना होगा। शुल्क बहुत ही कम होगा ताकि लोगों पर भार न पड़े। इसके डिजिटलाइजेशन पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च आएगा।