फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP BJP to conduct meeting to know ground reality.

यूपी भाजपाइयों से निराश हाईकमान खुद उतरा जमीन पर

Fri, 15 May 2015 12:14 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 15 May 2015 12:14 AM IST
विज्ञापन
UP BJP to conduct meeting to know ground reality.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी भले ही कहते हों कि पार्टी के सामने कोई चिंता नहीं है, पर हकीकत इसके ठीक उलट दिखती है। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व और संघ पूरी तरह से मिशन 2017 की चिंताओं में ही डूबा नजर आ रहा है।

विज्ञापन


यूपी की मौजूदा टीम का फीडबैक उसके हलक से नीचे नहीं उतर रहा। शायद इसीलिए उसने यूपी में पार्टी की जमीनी हकीकत को जानने, परखने व समझने के लिए क्षेत्रवार चिंतन बैठकें करने का निर्णय किया है। दो दिन तक चलने वाली इन बैठकों में स्थानीय स्थितियों पर मनन-मंथन के साथ चिंताओं से मुक्ति के उपाय तलाशे जाएंगे।
विज्ञापन


इन बैठकों में संबंधित क्षेत्र में आने वाले सभी जिलों के अध्यक्ष, क्षेत्रीय पदाधिकारी, प्रभारी के साथ क्षेत्र में पार्टी से संबंधित महत्वपूर्ण लोगों को बुलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनमें प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन शिवप्रकाश के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल भी रहेंगे।

इसलिए हो रहीं चिंतन बैठकें

UP BJP to conduct meeting to know ground reality.

प्रदेश में हुए उपचुनावों में भाजपा की बुरी तरह पिट रही भद्द ने न सिर्फ पार्टी हाईकमान की बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भी चिंता बढ़ा दी है। इनकी समझ में नहीं आ रहा कि प्रदेश में सदस्यता का आंकड़ा दो करोड़ के करीब पहुंच जाने और लोकसभा चुनाव के बाद विभिन्न क्षेत्रों में तमाम नए लोगों के पार्टी से जुड़ने के बावजूद भाजपा जमीनी स्तर पर मजबूत क्यों नहीं दिख रही।
भले ही प्रदेश अध्यक्ष डॉ. वाजपेयी उपचुनाव के नतीजों को बहुत महत्वपूर्ण न मानते हों, लेकिन शीर्ष नेतृत्व इसे संगठन के लिए शुभ संकेत नहीं मानता।

तभी तो वाजपेयी के यह कहने के बावजूद कि यूपी में भाजपा निरंतर बढ़ती जा रही है, प्रदेश प्रभारी ओम माथुर को कहना पड़ा कि जब सब कुछ अच्छा ही अच्छा हो रहा है तो नतीजे अच्छे क्यों नहीं आ रहे।

जाहिर है, संघ व पार्टी का आलाकमान प्रदेश के नेताओं के तर्कों से सहमत नहीं है। उसे एहसास हो गया है कि उसने अगर खुद जमीनी हकीकत को समझने की कोशिश न की तो 2017 के चुनाव का नतीजा पार्टी के लिए आत्मघाती होगा।

इन मुद्दों पर केंद्रित होंगी बैठकें

UP BJP to conduct meeting to know ground reality.

योजना बनी है कि बैठकों में सामाजिक व राजनीतिक समीकरणों से लेकर पार्टी की स्थिति की ईमानदारी से विवेचना हो। जातीय गणित पर पार्टी कहां खड़ी है और चुनावी लड़ाई में क्या संभावनाएं दिख रही हैं, इन पर भी बातचीत की जाएगी।

पार्टी के विधायकों व सांसदों तथा संगठन के पदाधिकारियों के बारे में भी सच्चाई समझने की कोशिश होगी।

कब कहां बैठक: चिंतन बैठक की शुरुआत अवध क्षेत्र से होगी। यह बैठक 16-17 मई को श्रावस्ती में होगी। बरेली क्षेत्र की बैठक 22-23 मई को पीलीभीत तथा पश्चिम क्षेत्र की बैठक 24-25 मई को शुक्रताल (मुजफ्फरनगर) में होगी। गोरखपुर क्षेत्र की बैठक 5-6 जून को सिद्धार्थनगर  और कानपुर क्षेत्र की बैठक 8 व 9 जून को बिठूर में होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed