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UP: अंसल मामले में पांच हजार आवंटियों को बड़ी राहत, अपीलीय कोर्ट ने दिवालिया आदेश पर लगाई रोक

Fri, 25 Apr 2025 12:26 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 25 Apr 2025 12:26 PM IST
सार

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले से अंसल के पांच हजार आवंटियों को बड़ी राहत मिली है। एनसीएलएटी ने अंसल को दिवालिया घोषित करने पर रोक लगा दी है।

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UP: Big relief to five thousand allottees in Ansal case, appellate court stays bankruptcy order
- फोटो : ANI

विस्तार

अंसल के मामले में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के आए आदेश से सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप के करीब पांच हजार आवंटियों को बड़ी राहत मिली है। एनसीएलएटी ने जहां राष्ट्रीय कंपनी अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के फरवरी में अंसल को दिवालिया घोषित करने के आदेश पर रोक लगाई है वहीं टाउनशिप के किसी तीसरे पक्ष के टेकओवर करने की कार्यवाही पर भी रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी। एनसीएलएटी के आदेश को लेकर भाजपा विधायक डा. राजेश्वर सिंह ने भी सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की है।

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आवंटी और निवेशक गगन टंडन ने बताया कि एनसीएलएटी ने एनसीएलटी के फरवरी में जारी आदेश पर रोक लगाने के साथ ही एलडीए व अन्य पक्षों को यह छूट दी है कि वह अंसल को दिवालिया घोषित किए जाने के आदेश पर को लेकर एनसीएलटी में अपना पक्ष रख सकते हैं। इसका फायदा यह होगा कि अब एलडीए एनसीएलटी में अपनी बात रखेगा और बताएगा कि एक फाइनेंस कंपनी के बकाया 83 करोड़ रुपये न चुकाने पर अंसल को दिवालिया करने की कार्रवाई बिना एलडीए का पक्ष जाने करना उचित नहीं है क्योंकि एलडीए का तो अंसल पर करीब चार हजार करेाड़ रुपये बकाया है। ऐसे में तो सबसे पहले दावा एलडीए का ही बनता है।

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अंसल को हाईटेक टाउनशिप का लाईसेंस शासन ने दिया और एलडीए नोडल एजेंसी है और उसने उसका मानचित्र पास किया है। टाउनशिप की शर्ताें के तहत अंसल ने एलडीए के पास अपनी जो जमीन बंधक रखी थी। जिसमें यह प्राविधान था कि यदि अंसल किसी कारण कालोनी का विकास नहीं कर पाता है तो एलडीए बंधक जमीन बेचकर विकास कराएगा मगर अंसल ने वह जमीन भी बेच डाली है। ऐसे में कालोनी को टेकओवर करने का पहला अधिकार एलडीए का ही है। वह टेकओवर करेगा तो आवंटियों का पैसा नहीं डूबेगा और उनको मकान व प्लाट मिलेंगे।

यह भी मिली राहत
- एनसीएलएटी ने एनसीएलटी की ओर से नियुक्त किए गए रिसीवर को अभी नहीं हटाया और जिस तरह आवंटी अभी तक रिसीवर के पास अपने मकान-जमीन का दावा कर रहे थे वह करते रहेंगे।

- अपीलीय कोर्ट ने यह राहत भी दी है कि एलडीए व अन्य विकास प्राधिकरण प्रोजेक्ट के हिसाब से अपना-अपना पक्ष रख सकेंगे।

- एनसीएलएटी में अलगी सुनवाई 20 मई को दोपहर 02 बजे होगी और उसी दिन केस का निपटारा किया जाएगा।

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