यूपी : संदिग्ध गतिविधियों में भी बांग्लादेशी की संलिप्तता की आशंका, आठ साल पहले घुसपैठ करने वालों की तलाश
लखनऊ में ठगी के आरोप में पकड़ा गया बांग्लादेशी हसन शेख संदिग्ध गतिविधियों में भी शामिल रहा हो सकता है। खुफिया एजेंसियां उसके पुराने कनेक्शनों और आठ वर्ष पहले साथ घुसपैठ करने वाले दो साथियों की तलाश कर रही हैं। हसन ने उमर शेख के साथ मिलकर रियाल के नाम पर दुकानदार से दो लाख रुपये ठगे थे।
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ठगी के मामले में जेल में बंद बांग्लादेश के गोपालगंज में गोहाला गांव के निवासी हसन शेख की संलिप्तता संदिग्ध गतिविधियों में भी होने की आशंका है। खुफिया एजेंसियां इस ओर भी तस्दीक करने में जुटी है। इसके साथ ही आठ साल पहले हसन के साथ भारत में घुसपैठ करने वाले दो साथियों की भी तलाश जारी है।
बांग्लादेशी हसन शेख और पश्चिम बंगाल के रहने वाले उमर शेख ने 15 नवंबर को महानगर के निशातगंज निवासी चूड़ी दुकानदार गुल्लू सोनकर को 300 रियाल देने का झांसा दिया। सौदा दो लाख भारतीय रुपये में तय हुआ था। 16 नवंबर को आरोपियों ने दुकानदार को वजीरगंज रियाल लेने के लिए बुलाया था। यहां दोनों ने गुल्लू को कागज का बंडल थमा कर उनके दो लाख रुपये लेकर भाग निकले थे। शुक्रवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
तीन राज्यों में भी खंगाले जा रहे हसन के कनेक्शन
सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसियां इस बात का भी पता लगा रहीं हैं कि पश्चिम बंगाल, मुंबई और दिल्ली में रहने के दौरान हसन के संपर्क में कौन-कौन लोग आए थे। साथ ही क्या वह रहने के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में भी शामिल रह चुका है। वहीं, दिल्ली में स्थित मकान के पता के बारे में तफ्तीश करने के लिए वजीरगंज थाने से पुलिस की तीन टीमें जल्द ही रवाना होंगी।
तीन साल तक साथ रहे थे घुसपैठ करने वाले साथी
हसन के साथ घुसपैठ करने वाले उसके दो साथी पश्चिम बंगाल में करीब तीन साल उसी के साथ रहे थे। वहीं, से हसन उसके दो साथी और उमर शेख ने रियाल के नाम पर टप्पेबाजी करनी सीखी थी। आरोपी इतने शातिर थे कि जहां भी उन्हें पकड़े जाने की आशंका रहती थी वे राज्य छोड़कर भाग निकलते थे। हालांकि दिल्ली पुलिस ने हसन और उमर को पकड़ लिया था। जबकि दो घुसपैठिए भाग निकले थे।