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UP: श्रीराम मंदिर की रेकी करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज, भगवा झंडा लेकर घूम रहा था
Mon, 15 Sep 2025 10:57 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 15 Sep 2025 10:57 PM IST
सार
आरोपी 17 जनवरी 2024 को सफेद स्कॉर्पियो से अपने साथियों के साथ अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भगवा झंडा लगाकर रेकी कर रहा था। उसकी जमानत अर्जी खारिज हो गई।
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- फोटो : ANI
विस्तार
अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान रेकी करने और गोपनीय दस्तावेज भेजने के आरोपी खालिस्तानी शंकर लाल दुसाद की जमानत अर्जी को एटीएस के विशेष न्यायाधीश हुसैन अहमद अंसारी ने खारिज कर दिया। कोर्ट में एटीएस की ओर से बताया गया कि मामले की रिपोर्ट अयोध्या एटीएस के इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने 19 जनवरी 2024 को एटीएस थाने में दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट में कहा गया था कि आरोपी 17 जनवरी 2024 को सफेद स्कॉर्पियो से अपने साथियों के साथ अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भगवा झंडा लगाकर रेकी कर रहा था। शक होने पर एटीएस ने आरोपी शंकर लाल दुसाद के अलावा अजीत कुमार शर्मा एवं प्रदीप पुनिया को गिरफ्तार किया था।
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बताया गया कि तीनों आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि आरोपी का खालिस्तान की तरफ काफी झुकाव था। सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा की हत्या के बाद विदेश में रहने वाले लखविंदर सिंह व अन्य खालिस्तान समर्थकों से आरोपी की बराबर बातचीत होती थी।
पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि अयोध्या में प्रस्तावित श्री राम लला की प्राण प्रतिष्ठा में उसे व उसके दोनों साथियों को खालिस्तानी गुरु पतवन्त उर्फ पन्नू ने रेकी करने और श्रीराम मंदिर का नक्शा भेजने का निर्देश दिया था।